Nitish Kumar Last Cabinet Meeting: बिहार की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल 2026 को कैबिनेट की एक अहम बैठक बुलाई है। दरअसल यह बैठक सुबह 11 बजे पटना स्थित मुख्य सचिवालय में आयोजित की जाएगी। बता दें कि इसे इस कार्यकाल की अंतिम कैबिनेट बैठक माना जा रहा है, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, यह बैठक केवल प्रशासनिक फैसलों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसे एक भावनात्मक और औपचारिक विदाई बैठक के रूप में भी देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस दौरान अपने मंत्रियों के साथ पूरे कार्यकाल की समीक्षा करेंगे और सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा करेंगे।
कार्यकाल की उपलब्धियों पर होगी विस्तृत चर्चा
बता दें कि इस अंतिम कैबिनेट बैठक में सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कामों की समीक्षा की जाएगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, रोजगार, और सामाजिक कल्याण योजनाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों का लेखा-जोखा पेश किया जा सकता है। नीतीश कुमार अपने मंत्रियों से अलग-अलग विभागों के प्रदर्शन पर चर्चा करेंगे और यह भी देखा जाएगा कि किन योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया गया और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता रही। दरअसल बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है, हालांकि मुख्य फोकस कार्यकाल की समीक्षा और भविष्य की रूपरेखा पर रहेगा।
मंत्रियों से हो सकती है भावनात्मक विदाई
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि बैठक के अंत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने मंत्रियों और सहयोगियों से औपचारिक रूप से विदा ले सकते हैं। लंबे समय तक चली इस सरकार के कार्यकाल के समापन को लेकर यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री इस दौरान अपने मंत्रियों के योगदान की सराहना करेंगे और सभी को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देंगे। इस वजह से यह बैठक सिर्फ प्रशासनिक नहीं बल्कि भावनात्मक भी मानी जा रही है।
प्रशासनिक तैयारियां तेज, सभी मंत्रियों को निर्देश
पटना सचिवालय में इस बैठक को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सभी विभागों के मंत्रियों को समय पर उपस्थित रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बैठक को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रोटोकॉल को भी मजबूत किया जा रहा है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह बैठक सामान्य कैबिनेट मीटिंग की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है, इसलिए हर स्तर पर विशेष तैयारी की जा रही है।
बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
इस कैबिनेट बैठक की खबर सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसे आने वाले राजनीतिक बदलावों का संकेत भी माना जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी बड़े राजनीतिक फैसले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस बैठक को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह बैठक सिर्फ सरकार की समीक्षा नहीं बल्कि भविष्य की राजनीतिक दिशा का भी संकेत दे सकती है।

सम्राट चौधरी की नीतीश कुमार से मुलाकात बनी चर्चा का विषय
इसी बीच बिहार में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की है। इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान नई सरकार के गठन और आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर चर्चा हुई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस बैठक के बाद सियासी चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
दिल्ली में हुई बैठक के बाद बढ़ी सियासी गतिविधि
बताया जा रहा है कि इससे पहले दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसमें बिहार में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चर्चा हुई। इस बैठक में राष्ट्रीय नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया था। इसके बाद ही सम्राट चौधरी की नीतीश कुमार से मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे आने वाले बड़े बदलावों का संकेत बताया जा रहा है।
जनता और प्रशासन की नजरें 14 अप्रैल की बैठक पर
अब ऐसे में सभी की नजरें 14 अप्रैल को होने वाली इस कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई हैं। जिसमें यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस बैठक में कोई बड़ा नीतिगत फैसला लिया जाता है या यह केवल एक औपचारिक समीक्षा और विदाई बैठक बनकर रह जाती है। बिहार की जनता भी इस बैठक को लेकर उत्सुक है क्योंकि इससे आने वाले समय की राजनीतिक दिशा तय हो सकती है।



