Panchna Dam Dispute: राजस्थान के करौली जिले में पांचना बांध से जल निकासी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। सोशल मीडिया पर लगातार हो रही आपत्तिजनक और जातीय टिप्पणियों के बाद जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे करौली जिले में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला अफवाहों और भड़काऊ संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए लिया गया है। इस बीच राज्य सरकार में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन का सहयोग करने की बात कही है।
क्या है पांचना बांध विवाद?
पांचना बांध से जल निकासी को लेकर पिछले कुछ दिनों से करौली और दौसा जिलों में विवाद चल रहा है। पानी छोड़े जाने को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों की चिंताओं और मांगों के बीच मामला धीरे-धीरे संवेदनशील होता गया। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब सोशल मीडिया पर इस मुद्दे से जुड़ी कई आपत्तिजनक, जातीय और भड़काऊ पोस्ट वायरल होने लगीं। इसके बाद प्रशासन ने हालात पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी।
प्रशासन ने इंटरनेट सेवा क्यों बंद की?
जिला प्रशासन के अनुसार, सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें और भड़काऊ सामग्री तेजी से फैल रही थी। इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। इसी को देखते हुए बुधवार देर रात करीब 12 बजे से करौली जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेट बंद करने का उद्देश्य केवल अफवाहों को रोकना और शांति व्यवस्था बनाए रखना है। स्थिति सामान्य होने के बाद सेवाओं को बहाल करने पर निर्णय लिया जाएगा।
सोशल मीडिया पर सख्त कार्रवाई
करौली पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) लोकेश सोनवाल के निर्देश पर विभिन्न थानों में कई लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को सोशल मीडिया के जरिए नफरत फैलाने या समाज में तनाव पैदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जांच एजेंसियां लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी कर रही हैं और आपत्तिजनक पोस्ट की पहचान की जा रही है।
किन लोगों के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे?
पुलिस के अनुसार, हिंडौन सदर थाने में गुर्जर नेता हाकिम सिंह बैसला और उनके कुछ सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं करौली सदर थाने में दीपक गढ़ी, अजय राज मीणा, हंसराज, अर्जुन मेहर, मदन राजोर, मनोज मीणा सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ भी अलग-अलग धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणियां, नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री साझा की। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
दोनों समुदायों पर समान कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई किसी एक पक्ष के खिलाफ नहीं बल्कि कानून के अनुसार की जा रही है। पुलिस ने दोनों समुदायों से जुड़े लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जो भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होगी। प्रशासन का उद्देश्य केवल क्षेत्र में शांति बनाए रखना और किसी भी प्रकार के तनाव को बढ़ने से रोकना है।
गुडला पंचायत ने दिया अल्टीमेटम
इस विवाद के बीच गुडला गांव की पंचायत ने जिला प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। पंचायत का कहना है कि यदि तय समय के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे राजस्थान में चक्का जाम किया जाएगा। इस चेतावनी के बाद प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थानीय प्रतिनिधियों से बातचीत भी की जा रही है।
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की अपील
बढ़ते तनाव को देखते हुए मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा कि किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और सोशल मीडिया पर ऐसी कोई सामग्री साझा न करें जिससे समाज में तनाव पैदा हो। उन्होंने लोगों से प्रशासन का सहयोग करने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की भी अपील की।
पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क
करौली और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। प्रशासन लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर निगरानी लगातार जारी रहेगी और भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की सलाह
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना को आगे साझा न करें। यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध या भड़काऊ पोस्ट दिखाई देती है तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि गलत जानकारी फैलाने से हालात और बिगड़ सकते हैं, इसलिए केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें।
स्थिति पर बनी हुई है नजर
फिलहाल करौली और आसपास के इलाकों में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक, सोशल मीडिया की निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के जरिए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि हालात सामान्य होने तक सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
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