Lakhpati Didi Yojana: International Women’s Day के अवसर पर Narendra Modi ने देश की महिलाओं को बड़ी खुशखबरी दी है। बता दें कि प्रधानमंत्री का कहना है कि सरकार का 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य अब पूरा हो चुका है। जिसमें उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की महिलाओं की मेहनत, आत्मविश्वास और सरकार की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का परिणाम है।
जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कुछ साल पहले यह लक्ष्य रखा गया था, तब कई लोगों ने इसे असंभव बताया था। जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसका मजाक उड़ाया गया और आलोचना भी हुई, लेकिन आज वही लोग महिलाओं की इस सफलता को देखकर चुप हैं। साथ ही, भारत की नारी शक्ति में अपार क्षमता है और यदि उन्हें अवसर दिया जाए तो वे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं।
महिलाओं की मेहनत से पूरा हुआ लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि सरकार ने कुछ साल पहले देश की गरीब और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए ‘लखपति दीदी’ अभियान शुरू किया था। जिसमें इस अभियान का उद्देश्य था कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की सालाना आय कम से कम एक लाख रुपये तक पहुंचे। वहीं, शुरुआत में करीब एक करोड़ महिलाओं ने यह उपलब्धि हासिल की थी, लेकिन लगातार प्रयासों और योजनाओं के विस्तार से अब तीन करोड़ से ज्यादा महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। बता दें कि यह केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह देश की महिलाओं की मेहनत और आत्मनिर्भरता की कहानी है।
स्वयं सहायता समूहों ने बदली महिलाओं की जिंदगी
प्रधानमंत्री ने इस सफलता का श्रेय स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को भी दिया है। जिसमें उन्होंने कहा कि इन समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को प्रशिक्षण, बैंक ऋण, बाजार तक पहुंच और उद्यमिता के अवसर दिए गए। वहीं, इन योजनाओं की मदद से महिलाएं अब केवल घरेलू जिम्मेदारियां ही नहीं निभा रहीं, बल्कि छोटे-छोटे व्यवसाय, खेती से जुड़े काम, हस्तशिल्प, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य उद्योगों में भी आगे बढ़ रही हैं। बता दें कि सरकार की इन योजनाओं के तहत महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, सस्ती दरों पर ऋण,व्यवसाय शुरू करने में मदद, उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की सुविधा। जैसी कई सुविधाएं दी गईं हैं। इससे उनकी आय भी बढ़ी और वे आर्थिक रूप से मजबूत भी हुईं।
महिला सशक्तिकरण देश के विकास की पहली सीढ़ी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की पहली सीढ़ी है।
साथ ही, भारत की माताएं और बहनें हमेशा से देश की ताकत रही हैं। उनके आशीर्वाद और समर्थन से ही सरकार की योजनाएं सफल हो पाती हैं। अब ऐसे में आज देश में महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही है। चाहे राजनीति हो, प्रशासन, विज्ञान, खेल या समाज सेवा हो, भारतीय महिलाएं हर जगह अपनी पहचान बना रही हैं।
महिला दिवस पर नारी शक्ति को सलाम
प्रधानमंत्री ने आज International Women’s Day के अवसर पर पूरा देश नारी शक्ति की उपलब्धियों का जश्न मना रहा है। जिसमें उनका कहना है कि आज भारत महिला सशक्तिकरण की नई गाथा लिख रहा है। मैं देश की नारी शक्ति को महिला दिवस पर हार्दिक बधाई देता हूं और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान के लिए उन्हें नमन करता हूं। साथ ही, सरकार आने वाले समय में और अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई योजनाएं और कार्यक्रम शुरू करेगी।

विकसित भारत के सपने में महिलाओं की अहम भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि विकसित भारत के सपने को साकार करने में महिलाओं की बड़ी भूमिका है। दरअसल, जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं तो इसका फायदा केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज और देश को भी मिलता है। जिसमें, महिलाओं की आय बढ़ने से परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरती है। साथ ही,बच्चों की शिक्षा बेहतर होती है। स्वास्थ्य और पोषण में सुधार आता है। गांवों और शहरों की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।इसलिए सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले सालों में और ज्यादा महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ा जाए।
आलोचना के बावजूद जारी रहे प्रयास
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि जब सरकार ने 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था, तब कई लोगों ने इस पर संदेह जताया था। जिसमें उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने इसे अव्यावहारिक बताया और सोशल मीडिया पर इसका मजाक भी उड़ाया। लेकिन सरकार ने अपने प्रयास जारी रखे और महिलाओं को हर संभव मदद दी। वहीं, आज जब यह लक्ष्य पूरा हो गया है, तो यह साबित हो गया है कि अगर सही नीति और मजबूत इरादा हो तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मुद्दे पर भी बोले पीएम
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने Droupadi Murmu से जुड़े एक मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति एक आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए West Bengal गई थीं। जिसमें पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि वहां की सरकार ने इस कार्यक्रम के साथ उचित सम्मान नहीं दिखाया। साथ ही, राष्ट्रपति देश के संविधान की सर्वोच्च पद पर हैं और उनका सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है। अब ऐसे में राष्ट्रपति का सम्मान करना केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं बल्कि देश के संविधान और लोकतंत्र का सम्मान है।
सामाजिक बदलाव की मिसाल बनी ‘लखपति दीदी’
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ‘लखपति दीदी’ अभियान केवल आर्थिक योजना नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव का भी प्रतीक बन गया है। जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पहले महिलाओं को आर्थिक निर्णयों में कम महत्व दिया जाता था, अब वही महिलाएं घर और समाज दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जिसमें कई जगहों पर महिलाएं छोटे उद्योग चला रही हैं। साथ ही,गांवों में रोजगार के अवसर पैदा कर रही हैं। अब ऐसे में महिलाएं नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
आगे क्या है सरकार की योजना
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि सरकार अब इस अभियान को और आगे बढ़ाने की योजना बना रही है। जिसमें आने वाले समय में और अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार तक पहुंच दिलाने पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल महिलाओं की आय बढ़ाना नहीं है, बल्कि उन्हें पूरी तरह आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना है।



