Pm Modi Iran News: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है. इसी क्रम में भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार रात 12 मार्च 2026 को ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर बातचीत की. दोनों नेताओं के बीच क्षेत्र की मौजूदा गंभीर स्थिति, बढ़ते सैन्य तनाव, नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत के दौरान स्पष्ट कहा कि भारत के लिए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा व व्यापारिक आपूर्ति का निर्बाध प्रवाह सर्वोच्च प्राथमिकता है.
पश्चिम एशिया की स्थिति पर जताई चिंता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में इस बातचीत की जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति से क्षेत्र में बढ़ते तनाव और गंभीर स्थिति पर विस्तार से चर्चा की. प्रधानमंत्री ने इस दौरान नागरिकों की मौत और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की.
भारत ने शांति और कूटनीति पर दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि भारत हमेशा शांति और स्थिरता का समर्थक रहा है. उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद व कूटनीति के माध्यम से इस संकट को समाप्त करने की अपील की. भारत की विदेश नीति लंबे समय से संवाद और शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित रही है और इसी सिद्धांत के तहत भारत इस संकट को भी देख रहा है.
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर जोर
इस बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति को बताया कि मौजूदा हालात में भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा है.मध्य पूर्व के कई देशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं और ऐसे संकट के समय उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत सरकार की प्राथमिकता होती है.
ऊर्जा आपूर्ति पर भी हुई चर्चा
भारत दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों में से एक है और मध्य पूर्व से बड़ी मात्रा में तेल और गैस आयात करता है.प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कहा कि ऊर्जा और व्यापारिक आपूर्ति का निर्बाध प्रवाह भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
भारतीय प्रवासियों को लेकर बढ़ी चिंता
मध्य पूर्व के कई देशों में लाखों भारतीय नागरिक काम करते हैं. खाड़ी देशों में भारतीय प्रवासी बड़ी संख्या में निर्माण, स्वास्थ्य, तकनीक और सेवा क्षेत्रों में कार्यरत हैं.ऐसे में यदि क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ता है तो उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ जाती है.भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
होर्मुज जलडमरूमध्य का बढ़ता महत्व
इस समय वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा चर्चा Strait of Hormuz को लेकर हो रही है.रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद कर दिया है.यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है और भारत सहित कई देशों के लिए ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है.
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.विशेष रूप से तेल और गैस की कीमतों में तेजी आ सकती है, जिससे कई देशों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है.
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मध्य पूर्व
भारत के लिए मध्य पूर्व कई कारणों से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है.यहां बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं और भारत का बड़ा व्यापारिक और ऊर्जा संबंध भी इसी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है.
विदेश मंत्रालय की सक्रिय निगरानी
भारत का विदेश मंत्रालय भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है. जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने की योजना भी तैयार रखी जाती है. इससे पहले भी कई संकटों के दौरान भारत ने अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए बड़े स्तर पर ऑपरेशन चलाए हैं.
तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की आशंका
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है. इससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ने की संभावना है.
संवाद से समाधान की उम्मीद
भारत का मानना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट का समाधान युद्ध नहीं बल्कि बातचीत और कूटनीति से ही संभव है.प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच हुई बातचीत को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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