Modi Malaysia Tour 2026: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 और 8 फरवरी को मलेशिया के दौरे पर रहेंगे। जिसमें वे मलेशियाई में प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। साथ ही, इस अहम बैठक में रक्षा और व्यापार सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। बता दें कि, भारत की एक्ट ईस्ट नीति के तहत यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी आज शनिवार को कुआलालंपुर पहुंचेंगे। साथ ही, शाम को वे वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे। जिसमें उनके खास स्वागत के लिए एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित भी किया जा रहा है, जिसका नाम सेलामत दातांग मोदी जी रखा गया है। साथ ही, मलय भाषा में इसका अर्थ होता है, स्वागत है मोदी जी। इस कार्यक्रम में करीब 15 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
पीएम मोदी 7–8 फरवरी को मलेशिया दौरे पर रहेंगे
बता दें कि, इस स्वागत समारोह की सबसे खास बात 800 से अधिक कलाकारों द्वारा किया जाने वाला विशाल नृत्य प्रदर्शन होगा। जिसमें आयोजकों का दावा है कि यह कार्यक्रम भारतीय शास्त्रीय और लोक नृत्य शैलियों का सबसे बड़ा समूह प्रदर्शन होगा और इसे मलेशियाई बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने का लक्ष्य रखा गया है। यह नृत्य प्रस्तुति लगभग पांच मिनट तक चलेगी, जिसमें भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
800 से ज्यादा नृत्य प्रदर्शन
बता दें कि इस कार्यक्रम में 800 से अधिक भव्य नृत्य प्रदर्शन करेंगे। जिसमें भरतनाट्यम, ओडिसी, कथक, कथकली, मोहिनियाट्टम और कुचिपुड़ी जैसी प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैलियां शामिल होंगी। इसके साथ ही यक्षगान, लावणी, पंजाबी, राजस्थानी, बिहू, तमिल लोक और अन्य कई क्षेत्रीय लोक नृत्य भी प्रस्तुत किए जाएंगे। इस तरह यह कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता का प्रतीक बनेगा। बता दें कि, मलेशिया में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी संख्या रहती है। भारतीय उच्चायुक्त बी.एन. रेड्डी के अनुसार मलेशिया दुनिया में भारतीय मूल की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है और यहां तीसरा सबसे बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय भी मौजूद है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारतीय समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। स्वागत समारोह के जरिए प्रवासी भारतीय अपनी एकजुटता और भारत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव दिखाना चाहते हैं।

रक्षा और व्यापार सहयोग पर द्विपक्षीय वार्ता करेंगे
- दरअसल, इस दौरे के दौरान भारत और मलेशिया के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। जिसमें विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत डॉर्नियर विमान की संभावित बिक्री, स्कॉर्पीन पनडुब्बियों से जुड़ा सहयोग और एसयू-30 विमानों के रखरखाव जैसे क्षेत्रों में अवसर तलाश रहा है। इसके अलावा व्यापार, निवेश और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर भी बातचीत होगी।
- प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया में भारतीय व्यापार प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। इसका उद्देश्य आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना और नए निवेश अवसरों पर चर्चा करना है। मलेशिया, आसियान क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिए अहम माना जाता है।
- यह प्रधानमंत्री मोदी का मलेशिया का तीसरा दौरा होगा। बता दें कि, अगस्त 2024 में दोनों देशों के संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया गया था। इसके बाद यह पहला उच्चस्तरीय दौरा है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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