क्या है पूरा मामला?
घटना एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के गांजा गांव की है। यहां के रहने वाले हेमेंद्र सिंह (35) एयरफोर्स में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। साथ ही गांव में डेयरी का काम भी करते थे। उनके परिवार में पत्नी मोना सिंह और दो बेटे हैं। हेमेंद्र के पिता रामआसरे सिंह भी एयरफोर्स से रिटायर हो चुके हैं।
[expander_maker id=”1″ more=”Read more” less=”Read less”]
डेढ़ लाख उधारी बनी जानलेवा
चचेरे भाई कपिल देव सिंह ने बताया कि हेमेंद्र ने करीब एक साल पहले गांव के ही तिलक राज सिंह से ब्याज पर डेढ़ लाख रुपये लिए थे। इसके बाद से तिलक राज उन्हें लगातार परेशान करता रहा।
बुधवार सुबह भी तिलक राज ने फोन कर धमकाया और कहा कि अब तक 70 हजार रुपये ब्याज हो गया है। आज ही ब्याज और मूलधन मिलाकर पूरा पैसा दे दो, नहीं तो घर आकर बेइज्जती करूंगा और पत्नी को उठा ले जाऊंगा।
ड्यूटी छोड़ डेयरी पर जाकर दी जान
धमकी से डरकर हेमेंद्र ने यह बात अपने पिता को बताई। पिता ने तिलक राज से शाम तक का वक्त मांगा। मगर हेमेंद्र इससे बुरी तरह टूट चुके थे। वे ड्यूटी पर भी नहीं गए और सुबह करीब 10 बजे अपनी डेयरी पर जाकर फांसी लगा ली।
केस दर्ज, आरोपी फरार
इंस्पेक्टर विनय कुमार सिंह ने बताया कि हेमेंद्र के पिता की तहरीर पर आरोपी तिलक राज सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए घर पर दबिश दी जा रही है।
‘तुम मेरा क्या कर लोगे?’
चचेरे भाई ने बताया कि तिलक राज गांव में सूदखोरी का धंधा करता है। पहले लोगों को मदद का झांसा देकर उधार पैसा देता है, फिर भारी ब्याज वसूलने लगता है। जब हेमेंद्र के पिता ने बेटे को प्रताड़ित करने पर नाराजगी जताई तो तिलक ने उल्टा धमकाते हुए कहा, “तुम्हारा बेटा मर भी गया तो मेरा क्या कर लोगे?”
[/expander_maker]



