Indore News: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार से अपने पांच दिवसीय विशेष दौरे पर निकल रही हैं। 18 जून से 22 जून तक चलने वाले इस दौरे में वह मध्य प्रदेश और ओडिशा के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। राष्ट्रपति के इस दौरे को केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं माना जा रहा, बल्कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा, आध्यात्मिकता, पर्यावरण संरक्षण और जनजातीय विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, सिकल सेल एनीमिया जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दे रहा है। राष्ट्रपति का कार्यक्रम भी इन्हीं विषयों के इर्द-गिर्द केंद्रित रखा गया है।
इंदौर पहुंचने से होगी दौरे की शुरुआत
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार सुबह इंदौर पहुंचेंगी। एयरपोर्ट पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उनका स्वागत करेंगे। इंदौर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति हेलीकॉप्टर के जरिए बैतूल रवाना होंगी। बैतूल में वह ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेंगी। यह कार्यक्रम आध्यात्मिक जागरूकता, आत्म-सशक्तिकरण और सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। ब्रह्माकुमारी संस्था देश और दुनिया में अपने आध्यात्मिक अभियानों के लिए जानी जाती है और राष्ट्रपति का वहां पहुंचना संस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
ओंकारेश्वर में करेंगी भगवान शिव के दर्शन
बैतूल कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ओंकारेश्वर पहुंचेंगी। ओंकारेश्वर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र माना जाता है। यहां पहुंचकर राष्ट्रपति भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करेंगी और विशेष पूजा-अर्चना में भाग लेंगी। शाम को वह मंदिर परिसर में आयोजित संध्या आरती में भी शामिल होंगी। मंदिर प्रशासन ने राष्ट्रपति की यात्रा को देखते हुए विशेष तैयारियां की हैं। राष्ट्रपति का रात्रि विश्राम ओंकारेश्वर स्थित एनएचडीसी गेस्ट हाउस में निर्धारित किया गया है।
सिकल सेल एनीमिया दिवस कार्यक्रम में होंगी शामिल
19 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर आनुवंशिक बीमारी है, जिसका प्रभाव विशेष रूप से आदिवासी समुदायों में अधिक देखा जाता है। केंद्र और राज्य सरकारें इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने और इसके उन्मूलन के लिए अभियान चला रही हैं। राष्ट्रपति इस अवसर पर स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, चिकित्सकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी संवाद कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति की भागीदारी इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।
पश्चिम बंगाल और फिर मध्य प्रदेश वापसी
सिकल सेल कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति इंदौर एयरपोर्ट पहुंचेंगी और वहां से पश्चिम बंगाल के लिए रवाना होंगी। हालांकि उनका मध्य प्रदेश दौरा यहीं समाप्त नहीं होगा। 20 जून को वह दोबारा मध्य प्रदेश लौटेंगी और जबलपुर पहुंचेंगी। जबलपुर में प्रशासन ने राष्ट्रपति के स्वागत और कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी कर ली हैं। शहर के प्रमुख मार्गों और कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
योग दिवस कार्यक्रम में रहेंगी मुख्य अतिथि
21 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। योग दिवस आज केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मनाया जाने वाला एक बड़ा आयोजन बन चुका है। राष्ट्रपति की मौजूदगी इस कार्यक्रम को और अधिक महत्व प्रदान करेगी। योग विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति की भागीदारी से लोगों में योग के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम में हजारों प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल
योग दिवस कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मेधावी छात्रों को डिग्रियां और पदक प्रदान किए जाएंगे। राष्ट्रपति छात्रों को संबोधित भी करेंगी। माना जा रहा है कि अपने संबोधन में वह युवाओं को शिक्षा, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगी। शिक्षा जगत के लिए यह समारोह बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ग्वालियर पहुंचेंगी राष्ट्रपति
जबलपुर के कार्यक्रमों के बाद राष्ट्रपति ग्वालियर पहुंचेंगी। ग्वालियर में उनके सम्मान में कई प्रशासनिक और औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। ग्वालियर राष्ट्रपति के कूनो नेशनल पार्क दौरे का प्रमुख आधार केंद्र भी होगा।
कूनो नेशनल पार्क का करेंगी भ्रमण
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे का सबसे चर्चित हिस्सा कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण माना जा रहा है। कूनो नेशनल पार्क पिछले कुछ वर्षों में देश और दुनिया का ध्यान आकर्षित कर चुका है। यहां अफ्रीकी चीता परियोजना के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों को बसाया गया है। राष्ट्रपति पार्क में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कार्यों का अवलोकन करेंगी। उन्हें चीता परियोजना की प्रगति और जैव विविधता संरक्षण से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रपति को पार्क के विभिन्न संरक्षण प्रयासों और पर्यावरणीय योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति का कूनो दौरा केवल औपचारिक यात्रा नहीं है बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के प्रति राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का संदेश भी है। भारत पिछले कुछ वर्षों में जैव विविधता संरक्षण और वन्यजीव पुनर्वास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुका है। कूनो परियोजना को उसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है। राष्ट्रपति की यात्रा इस पहल को और अधिक पहचान दिला सकती है।
22 जून को दिल्ली वापसी
22 जून की सुबह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण पूरा करने के बाद ग्वालियर लौटेंगी। इसके बाद वह विशेष विमान से दिल्ली के लिए रवाना होंगी और उनका पांच दिवसीय दौरा समाप्त होगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, प्रशासन और अन्य एजेंसियां लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं।
प्रदेश के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह दौरा?
राष्ट्रपति का यह दौरा मध्य प्रदेश के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर यह धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान देने का अवसर है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण जैसे विषयों को भी नई ऊर्जा मिलेगी। ब्रह्माकुमारी कार्यक्रम, सिकल सेल एनीमिया जागरूकता अभियान, योग दिवस, विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह और कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण,ये सभी कार्यक्रम समाज के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ते हैं।
Read Related News: शिवसेना में फिर सियासी भूचाल? स्पीकर से मिलने दिल्ली पहुंचे 6 सांसद



