Rajya Sabha Elections 2026: देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. Election Commission of India ने 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनावों की अधिसूचना जारी कर दी है. इन सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया आज से शुरू हो चुकी है और 5 मार्च तक उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं. मतदान अगले महीने की 16 अप्रैल को होगा. राज्यसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों में उम्मीदवार चयन की कवायद तेज हो गई है, खासकर भाजपा में संभावित नामों को लेकर चर्चा चरम पर है.
किन राज्यों में कितनी सीटें?
इस बार जिन 10 राज्यों में चुनाव होने हैं, उनमें सीटों का बंटवारा इस प्रकार है:
- महाराष्ट्र – 7 सीटें
- तमिलनाडु – 6 सीटें
- बिहार – 5 सीटें
- पश्चिम बंगाल – 5 सीटें
- ओडिशा – 4 सीटें
- असम – 3 सीटें
- तेलंगाना – 2 सीटें
- छत्तीसगढ़ – 2 सीटें
- हरियाणा – 2 सीटें
- हिमाचल प्रदेश – 1 सीट
इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में पूरा हो रहा है.
कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल खत्म
इस चुनाव में कई बड़े नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. इनमें केंद्रीय मंत्री Ramdas Athawale, राज्यसभा के उपसभापति Harivansh Narayan Singh, एनसीपी-एसपी नेता Sharad Pawar, कांग्रेस नेता Abhishek Manu Singhvi, और डीएमके के Tiruchi Siva जैसे नाम शामिल हैं. इन दिग्गजों की सीटों पर कौन दोबारा पहुंचेगा और किसे मौका मिलेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं.
राज्यसभा चुनाव कैसे होते हैं?
राज्यसभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा नहीं चुने जाते. इनका चुनाव संबंधित राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित विधायक एकल हस्तांतरणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote – STV) के तहत करते हैं. हर विधायक उम्मीदवारों को वरीयता क्रम में वोट देता है. जिस उम्मीदवार को निर्धारित कोटा पूरा करने लायक वोट मिल जाते हैं, वह निर्वाचित घोषित हो जाता है.
इस प्रणाली के कारण कभी-कभी क्रॉस वोटिंग और रणनीतिक मतदान भी देखने को मिलता है, जिससे परिणाम रोचक हो सकते हैं.
चुनाव प्रक्रिया और सख्त निर्देश
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के दौरान मतपत्र पर वरीयता अंकित करने के लिए केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंगनी रंग के निर्धारित पेन का ही उपयोग किया जाएगा.किसी अन्य पेन का प्रयोग करने पर वोट अमान्य हो सकता है. आयोग ने निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति और निगरानी की भी व्यवस्था की है.
BJP में उम्मीदवारों पर मंथन
राज्यसभा चुनाव को लेकर खासतौर पर बिहार भाजपा में प्रत्याशियों के चयन पर मंथन तेज हो गया है. बिहार इकाई ने संभावित उम्मीदवारों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी है. अब पार्टी हाईकमान अंतिम सूची को आकार दे रहा है.सूत्रों के मुताबिक, उम्मीदवार चयन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन, संगठन में सक्रिय भूमिका और आगामी राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखा जाएगा.
शॉर्टलिस्ट में 5 बड़े नाम?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा की संभावित सूची में पांच बड़े नामों पर गंभीर विचार चल रहा है. हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि इनमें संगठन के वरिष्ठ नेता और कुछ नए चेहरे शामिल हो सकते हैं और पार्टी नेतृत्व रणनीतिक संतुलन साधने की कोशिश में है. विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव केवल सीट भरने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों की रणनीति का हिस्सा भी होता है.
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सक्रियता
हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट पर चुनाव को लेकर सत्ताधारी Indian National Congress ने उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है. सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस मंगलवार देर शाम तक अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर सकती है. हिमाचल में कांग्रेस की सरकार होने के कारण यहां मुकाबला राजनीतिक रूप से दिलचस्प हो सकता है. पार्टी चाहती है कि ऐसा चेहरा मैदान में उतारा जाए जो संगठन और सरकार दोनों के बीच संतुलन बना सके.
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि विपक्ष यहां एकजुट रणनीति अपनाता है तो मुकाबला रोचक बन सकता है.
विपक्ष की रणनीति
कांग्रेस, क्षेत्रीय दल और अन्य विपक्षी पार्टियां भी अपनी रणनीति तैयार कर रही हैं. कुछ राज्यों में संख्या बल के आधार पर मुकाबला एकतरफा हो सकता है, जबकि कुछ जगहों पर दिलचस्प राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं. विशेषकर महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में राजनीतिक हलचल अधिक रहने की संभावना है.
राज्यसभा का महत्व
राज्यसभा को संसद का उच्च सदन कहा जाता है. यहां पारित होने वाले विधेयकों का देश की नीतियों पर सीधा असर पड़ता है. इसलिए राजनीतिक दल राज्यसभा में अपनी संख्या मजबूत रखने की कोशिश करते हैं, ताकि महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में आसानी हो.
5 मार्च तक नामांकन प्रक्रिया चलेगी.इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और फिर मतदान की तैयारी होगी.16 अप्रैल को मतदान के बाद परिणाम सामने आएंगे, जिससे संसद के उच्च सदन की नई तस्वीर स्पष्ट होगी.
आगे की प्रक्रिया
- 5 मार्च तक नामांकन
- नामांकन पत्रों की जांच
- नाम वापसी की अंतिम तारीख
- 16 अप्रैल को मतदान
- उसी दिन या अगले दिन परिणाम
परिणाम आने के बाद राज्यसभा की नई संरचना स्पष्ट होगी और संसद के उच्च सदन में दलों की ताकत का नया समीकरण सामने आएगा.
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