Yogi Adityanath Ayodhya visit: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में गठित एसआईटी (SIT) की जांच पूरी तरह से होगी और जांच के बाद “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
जानकारी के लिए बता दें की रुदौली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग पहले अयोध्या और राम भक्तों का विरोध करते थे, वही आज राम भक्तों की चिंता का दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे लोगों की राजनीति को अच्छी तरह समझती है।
ट्रस्ट के अनुरोध पर बनाई गई SIT
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर ही सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए खास जांच दल यानी SIT का गठन किया है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से होगी।
सीएम योगी ने कहा, “जांच के बाद सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। अगर किसी ने कोई गलत काम किया है तो वह चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से बच नहीं पाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसी को बचाने के लिए नहीं, बल्कि सच्चाई सामने लाने के लिए काम कर रही है।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। जिसमें उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल आज राम भक्तों के हितैषी बनने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनका इतिहास इसके बिल्कुल विपरीत रहा है। उन्होंने कहा, “जो लोग जय श्रीराम का नारा लगाने वालों पर गोलियां चलवाते थे, जो कारसेवकों पर लाठियां बरसाते थे, वे आज राम भक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं। यह उनका दोहरापन है।”
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस पार्टी ने कभी अदालत में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे, वह आज राम मंदिर के मुद्दे पर राजनीति कर रही है।
राम भक्तों से की धैर्य रखने की अपील
मुख्यमंत्री ने राम भक्तों और प्रदेश की जनता से भावनाओं में बहकर कोई निष्कर्ष न निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए लोगों ने 500 वर्षों तक संघर्ष किया, तो अब कुछ दिन और इंतजार किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “प्रभु श्रीराम ने हमें मर्यादा का संदेश दिया है। इसलिए जब तक SIT की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक किसी भी तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए।”
सीएम ने यह भी कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के किसी व्यक्ति की छवि खराब करना उचित नहीं है। यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े कोई दस्तावेज या प्रमाण हैं, तो उन्हें सीधे SIT को सौंपना चाहिए।
चंपत राय की कार्यक्रम से दूरी पर चर्चा तेज
इस पूरे विवाद के बीच राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे के दौरान जिला प्रशासन ने ट्रस्ट से अनुरोध किया कि चंपत राय की जगह कोई अन्य प्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि यह फैसला मौजूदा विवाद और जांच प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
अयोध्या के राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में इस कदम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर बड़े सरकारी और वीआईपी कार्यक्रमों में चंपत राय की सक्रिय भूमिका रहती रही है।

अयोध्या में विकास परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दौरे के दौरान अयोध्या के रुदौली क्षेत्र में 378 करोड़ रुपये से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि अब यह विकास और सांस्कृतिक विरासत का भी वैश्विक केंद्र बन रहा है। राज्य सरकार यहां आधारभूत सुविधाओं, पर्यटन और सांस्कृतिक विकास पर लगातार काम कर रही है।
कई धार्मिक कार्यक्रमों में होंगे शामिल
मुख्यमंत्री का अयोध्या दौरा केवल राजनीतिक और प्रशासनिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा। वह श्री ऋषभदेव दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में भी शामिल होंगे। इसके अलावा, वह राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख संत महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मदिन समारोह में भी हिस्सा लेंगे। शाम को मुख्यमंत्री लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से बने भव्य रामायण वैक्स संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे।
इस संग्रहालय में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की आकर्षक मोम की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी।
जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर
राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है। विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सभी तथ्यों का खुलासा हो जाएगा।
ऐसे में अब सबकी नजर SIT की रिपोर्ट पर टिकी है। यह रिपोर्ट तय करेगी कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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