Naxalite: छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को आज सोमवार के दिन नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी जीत हासिल हुई है। अमित शाह की नीति सरेंडर कर दो या मारे जाओगे। इसी के चलते कुख्यात नक्सली कमांडर रामधेर मज्जी ने अपने 11 साथियों के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस नक्सली पर सरकार द्वारा 1 करोड़ रुपये का इनाम भी घोषित था।
हथियार डाल सभी ने किया सरेंडर
नक्सलियों के सरेंडर के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एक घोषणा की अब भारत के तीन राज्य- महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ (MMC) ज़ोन अब नक्सल मुक्त हो चुके हैं। क्योंकि नक्सलियों ने आज ही छत्तीसगढ़ के बकरकट्टा इलाके में सुरक्षा बालो के सामने अपने सारे हथियार डाल दिए और सरेंडर हो गए।
ख़तरनाक हथियार हुए जब्त
सुरक्षा बलों ने रामधरी मज्जी के साथ उसके 11 साथियों के पास से बहुत बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए, जो कुछ इस प्रकार से है।
- AK-47 राइफल
- INSAS राइफल
- SLR
- 303 बोर पिस्टल
- 30 कार्बाइन
जानकारी के लिए बता दें कि नक्सली वारदातों में ये सभ हथियार लम्बे टाइम तक इस्तेमाल होते रहे।

सरेंडर हुए नक्सलियों के नाम ?
- रामधेर मज्जी – AK-47 राइफल के साथ
- चंदू उसेंडी – 30 कार्बाइन
- ललिता, योगिता, जानकी – INSAS राइफल
- प्रेम – AK-47
- रामसिंह दादा – .303 बोर पिस्टल
- सुकेश पोट्टम – AK-47
- लक्ष्मी, शीला – INSAS
- सागर – SLR
- कविता – .303 पिस्टल
इन सभी नक्सलियों ने शांतिपूर्वक सुरक्षा बल के सामने अपने सारे हथियार डाल दिए थे।
हिडमा को पिछले महीने ही मारा
आप सभी को याद होगा कि हमारी सुरक्षा बाल ने हिडमा को पिछले महीने ही मार दिया था, जिस पर सरकार द्वारा 1 करोड़ का इनाम भी था। हिडमा बस्तर क्षेत्र का सबसे कुख्यात नक्सली कमांडर और सीपीआई (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का युवा सदस्य था
हिडमा पर बड़े हमलों की साज़िश रचने के आरोप
- ताड़मेटला हमला 2010
- झीरम घाटी नरसंहार 2013
- कुल 26 बड़े हमले
रामधेर मज्जी और उसके साथियों का आत्मसमर्पण, और हाल ही में हिडमा के खात्मा यह दिखाता हैैं कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से नक्सलवाद तेजी से कमजोर पड़ रहे हैं और अब प्रभावित क्षेत्रों में शांति व विकास वापस आ रहा है।
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