Srinagar Accident: जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है. यहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का एक बुलेटप्रूफ वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से फिसलते हुए नहर में जा गिरा.इस दर्दनाक हादसे में वाहन में सवार 7 जवान घायल हो गए. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों व सुरक्षाबलों की मदद से तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया.
हादसा श्रीनगर जिले के अहमद नगर क्षेत्र के डगपोरा इलाके में हुआ. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और देखते ही देखते सड़क से नीचे उतरते हुए पानी से भरी नहर में जा गिरा.
कैसे हुआ हादसा? ड्राइवर के नियंत्रण से बाहर हुई गाड़ी
अधिकारियों के मुताबिक, CRPF की यह बुलेटप्रूफ बंकर गाड़ी ड्यूटी के दौरान अहमद नगर के डगपोरा क्षेत्र से गुजर रही थी. अचानक ड्राइवर का संतुलन बिगड़ गया और वाहन सड़क से फिसलकर नहर में गिर गया.
हालाँकि,प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सड़क पर हल्की फिसलन थी और मोड़ पर गाड़ी तेज रफ्तार में थी, जिससे वाहन भारी और बुलेटप्रूफ होने के कारण संतुलन संभालना मुश्किल हो गया और गाड़ी खाई में जा गिरा .
हालांकि हादसे के असली कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. पुलिस और CRPF के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है.
घायल जवानों को SKIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग और सुरक्षाबल मौके पर पहुंचे.नहर में गिरे वाहन से जवानों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी.सभी घायलों को तुरंत SKIMS (शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) अस्पताल ले जाया गया.
अधिकारियों के अनुसार घायल जवानों के नाम इस प्रकार हैं:
- नागिंदर सिंह (36 वर्ष)
- अजीत कुमार राम (36 वर्ष)
- राज किशोर राय (40 वर्ष)
- अमित कुमार यादव (38 वर्ष)
- राजधन राम (55 वर्ष)
- मंकर कुमार (40 वर्ष)
- नीरज कुमार (45 वर्ष)
डॉक्टरों ने बताया कि सभी जवानों की हालत स्थिर है और किसी की जान को खतरा नहीं है. कुछ जवानों को हल्की चोटें आई हैं जबकि दो जवानों को निगरानी में रखा गया है.
डॉक्टरों का बयान,सभी जवान खतरे से बाहर
SKIMS अस्पताल के डॉक्टरों ने जानकारी दी कि:
“सभी घायल जवानों को समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया गया, जिससे किसी गंभीर स्थिति से बचा जा सका. फिलहाल सभी की हालत स्थिर है और खतरे की कोई बात नहीं है.”
डॉक्टरों के अनुसार, कुछ जवानों को सिर और हाथ-पैर में चोटें आई हैं. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है.
स्थानीय लोगों ने दिखाई इंसानियत
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए. कुछ लोगों ने नहर में उतरकर जवानों को बाहर निकालने में मदद की, जबकि कुछ ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी.
प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद शफीक ने बताया कि “गाड़ी अचानक फिसली और सीधे नहर में गिर गई. हम लोगों ने बिना सोचे-समझे मदद शुरू कर दी. जवानों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता थी.”
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों के वाहनों के साथ सड़क हादसे पहले भी हो चुके हैं. खराब सड़कें, संकरी गलियां, मौसम की मार और भारी बख्तरबंद वाहनों का संतुलन बिगड़ना ऐसे हादसों की बड़ी वजह बनते हैं.
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बुलेटप्रूफ वाहनों का वजन अधिक होता है. जिससे, मोड़ पर इन वाहनों को संभालना मुश्किल होता है. यहाँ,हल्की सी चूक भी बड़ा हादसा बन सकती है.
जवानों के परिवारों में चिंता, अधिकारियों ने दी जानकारी
घायल जवानों के परिवारों को घटना की सूचना दे दी गई है. अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि सभी जवान सुरक्षित हैं और जल्द ही स्वस्थ होकर ड्यूटी पर लौटेंगे.
परिवारों से बात करने के लिए CRPF ने विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है ताकि सही जानकारी समय पर दी जा सके.
सड़क सुरक्षा पर फिर उठा सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा मानकों को और सख्त करना होगा.वहीं, भारी वाहनों के लिए अलग गाइडलाइन बननी चाहिए और ड्राइवरों को विशेष प्रशिक्षण देना चाहिए. ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हो.
CRPF के वाहनों की सेफ्टी ऑडिट की मांग तेज
इस हादसे के बाद सुरक्षा विशेषज्ञों और कुछ सामाजिक संगठनों ने CRPF और अन्य अर्धसैनिक बलों के वाहनों की नियमित सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग उठाई है.विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक ड्यूटी पर चलने वाले बख्तरबंद वाहनों की ब्रेकिंग सिस्टम, टायर और सस्पेंशन की समय-समय पर जांच बेहद जरूरी है, ताकि तकनीकी खामियों के कारण जवानों की जान खतरे में न पड़े.
हालाँकि, CRPF और स्थानीय पुलिस ने इस हादसे की जांच के लिए एक संयुक्त टीम गठित की है. यह टीम यह पता लगाएगी कि हादसा तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या ड्राइवर की चूक, या फिर सड़क की खराब स्थिति इसका कारण बनी. जांच में वाहन की तकनीकी स्थिति, ब्रेक सिस्टम, टायरों की हालत और सड़क की बनावट जैसे पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा.रिपोर्ट आने के बाद भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
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