भारत सैन्य शक्ति को लगातार आधुनिक और मज़बूत बना रहा है। चाहे वह जल, थल और वायु—तीनों ही सेनाओं में देश अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस बनता जा रहा है। देश की सुरक्षा को अधिक मजबूत करने की इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक नई मिसाइल शील्ड ‘सुदर्शन चक्र’ की घोषणा की थी।
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बता दें कि देश की यह मिसाइल इजराइल के प्रसिद्ध ‘आयरन डोम’ की तर्ज पर तैयार की जा रही है।
‘सुदर्शन चक्र’ क्या है?
‘सुदर्शन चक्र’ एक उन्नत मल्टी-लेयर एयर डिफेंस सिस्टम है, जो भारत को किसी भी तरह के हवाई खतरों से बचाने के लिए तैयार किया जा रहा है। यह मिसाइल आसानी से लंबी दूरी की ट्रैकिंग, निगरानी और खतरे को तुंरत पहचान कर उसपर हमला बोल सकती है।
डीआरडीओ के महानिदेशक बी.के. दास ने इस मिसाइल को लेकर बताया कि यह प्रणाली सेंसर, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स, इन्फ्रारेड तकनीक और शक्तिशाली रडार का उपयोग करके दूर से ही दुश्मन को निस्त नाबूद कर सकती है।
AI तकनीक के स्मार्ट शील्ड
इस मिसाइल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और आधुनिक सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल किया जाएगा। ताकि खतरे को पहचान के साथ-साथ यह मदद प्रणाली में भी काफी मदद कर सके। अनुमान लगाया जा रहा है कि दुश्मन की मिसाइल किस गति से आ रही है, उसकी दिशा क्या है और वह किस पर असर डाल सकती है। यह सब यह एक मिसाइल आसानी से कर पाएंगी।

मल्टी-लेयर सुरक्षा और शामिल होंगे ये हथियार
इस ‘सुदर्शन चक्र’ में लंबी मिसाइलें होंगी. इसके अलावा, इसमें इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम भी मौजूद होंगे। साथ ही सिग्नल जैमिंग और माइक्रोवेव तकनीक भी शामिल होगी, जो दुश्मन के हथियारों को नष्ट कर देंगे।
2030 तक बनकर तैयार होगी मिसाइल
मिली जानकारी के अनुसार, यह ‘सुदर्शन चक्र’ मिसाइल पूरी तरह से विकसित होने में अभी समय लगेगा। अनुमान है कि यह प्रणाली 2030 तक भारत की वायु रक्षा में मदद के लिए तैयार हो जाएगी।
भारत का यह कदम दुनिया को एक संदेश देगा कि भारत अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर स्तर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
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