आज के डिजिटल समय में साइबर अपराधी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जनता को ठगने के लिए हैकर नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं, जिसमें सबसे आम तरीका है फेक SMS भेजकर लोगों को डर या लालच में फंसाकर पैसे लूटना है। इस परेशानी को देखते हुए भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने लोगों को जागरूक करने की पहल शुरू की है। दरअसल, TRAI ने एक जरूरी जानकारी साझा की है।
[expander_maker id=”1″ more=”Read more” less=”Read less”]
हर SMS असली नहीं होता
जानकारी के लिए बता दें कि लोगों को जागरूक करने के लिए TRAI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा किया है, जिसमें लिखा है कि हर SMS असली नहीं होता है। कोई भी व्यक्ति या गिरोह किसी ऑफिशियल मैसेज जैसा टेक्स्ट लिखकर लोगों को भ्रमित कर सकता है। ऐसे में जरूरी है कि लोग असली और नकली मैसेज के बीच फर्क की पहचान करना सीखें।
Not all messages are genuine. Anyone can write official-sounding text. Only messages with valid headers and suffixes like -P, -S, -T, or -G are as per #TRAI regulations.#knowyoursender to confirm sender's authenticity.
Verify 9-character SMS header at https://t.co/LfR8ex921v. pic.twitter.com/jxbPR4UB8n— TRAI (@TRAI) December 21, 2025
हेडर और सुफिक्स से पहचानें असली SMS
TRAI के मुताबिक, किसी भी SMS की पहचान करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले आपको उसके हेडर को चेक करना है। अगर मैसेज भेजने वाले के नाम के आखिर में कुछ खास शब्द लगे हों, तो वह मैसेज असली हो सकता है। जैसे कि-
P : प्रमोशनल मैसेज
S : सर्विस से जुड़ा मैसेज
T : ट्रांजैक्शनल मैसेज
G : सरकारी (Government) मैसेज
जानें साइबर ठग कैसे भेजते हैं फेक मैसेज
साइबर ठग के मैसेज थोड़े अलग तरह के दिखाई देते हैं, जिनमें इमरजेंसी या लालच होता है। जैसे कि-
“आज ही KYC अपडेट करें, नहीं तो अकाउंट बंद हो जाएगा।”
“आपने 10 लाख रुपए तक की लॉटरी जीती है।”
“आपका कार्ड डिस्पैच हो गया है, तुरंत लिंक पर क्लिक करें।”
इन मैसेज में अक्सर अजीब या संदिग्ध लिंक मौजूद होती है, जो किसी फेक वेबसाइट पर ले जाकर आपके साथ फ्रॉड करता है।

फ्रॉड से कैसे करें बचाव?
फ्रॉड से बचने के लिए बैंक और साइबर एक्सपर्ट्स तरफ से सलाह दी जाती है कि किसी भी अनजान नंबर, व्यक्ति या लिंक पर अपनी बैंकिंग जानकारी या OTP कभी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध मैसेज पर तुरंत जांच न करें और जरूरत हो तो बैंक या संबंधित संस्था से सीधे संपर्क पर ही कोई फैसला लें।
साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता ही है। अगर आप असली और नकली SMS की पहचान करना सीख लेते हैं, तो आप इसे काफी हद तक बच सकते हैं।
ये भी पढ़ें: दिल्ली से मुंबई जा रही Air India विमान की अचानक हुई लैंडिंग, फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी
[/expander_maker]



