Trump Venezuela: वेनेजुएला में हुए हालिया घटनाक्रम ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। यह खबर सामने आने के बाद से सोशल मीडिया से लेकर हर एक चैनल पर बनी हुई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यह तानाशाही है। दरअसल, ट्रंप के एक इशारे पर ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया है।
बता दें कि जब यह खबर सामने आई है, जब से लेकर इस चर्चा ने भारत में एक नई बहस छेड़ दी है। भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स के द्वारा अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया साझा की जा रही है।
इंदिरा गांधी, राव और अटल बिहारी का कर रहे धन्यवाद
भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जिसमें लोग इस घटना को लेकर भारत की परमाणु शक्ति से जोड़कर देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर वेनेजुएला के पास परमाणु हथियार होते, तो अमेरिका ऐसा कदम उठाने की हिम्मत कभी भी नहीं करता। ऐसे में भारतीय लोग पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद कर उन्हें बहुत ही धन्यवाद दे रहे हैं।
यूजर्स की प्रतिक्रियाएं
वही, कई लोगों का कहना है कि भारत की संप्रभुता और सुरक्षा का सबसे बड़ा आधार उसका परमाणु सामर्थ्य है। सोशल मीडिया पर यूजर्स लिखते है,“इंदिरा गांधी को ‘स्माइलिंग बुद्धा’ के लिए धन्यवाद, नहीं तो बुद्ध का देश भी आज वेनेजुएला जैसी स्थिति में होता।”

भारत का पहला परमाणु परीक्षण (India’s first Nuclear Test)
जानकारी के लिए बता दें कि 18 मई 1974 को इंदिरा गांधी के नेतृत्व में भारत ने राजस्थान के पोखरण में पहला परमाणु परीक्षण (First Nuclear Test) किया था, जिसे ‘स्माइलिंग बुद्धा’ (Smiling Buddha) नाम दिया गया। यह परीक्षण बुद्ध पूर्णिमा के दिन हुआ था और इसी के साथ भारत परमाणु शक्ति (India Nuclear Power) संपन्न देशों की सूची में शामिल हुआ। भारत सरकार के इस फैसले के बाद अमेरिका समेत कई देशों ने हमारे देश पर प्रतिबंध लगाए, लेकिन भारत अपने निर्णय पर अडिग बना रहा और परमाणु परिक्षण करता रहा।
इतना ही नहीं, भारत ने 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान पोखरण-2 परीक्षण किया। 11 और 13 मई को हुए इन परीक्षणों को ‘ऑपरेशन शक्ति’ (Operation Power) कहा गया, जिसने भारत को पूर्ण परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया। जहां देश को अंतरराष्ट्रीय दबाव और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा।
भारत की परमाणु शक्ति सुरक्षा की गारंटी (India’s Nuclear Power)
वही, सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि आज के समय में जहां शक्तिशाली और बड़े देश छोटे और कमजोर देशों पर दबाव बना रहे हैं, तब भारत का परमाणु शक्ति संपन्न होना उसके आत्मसम्मान और सुरक्षा की गारंटी बनकर सामने खड़ा है। देखा जाए तो अगर आज भारत के पास भी अपने खुद का परमाणु शक्ति (Nuclear Power) नहीं होती, तो वह भी इसी घटना का शिकार बन सकता था। इसी वजह से सोशल मीडिया पर लोग आज पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और अटल बिहारी वाजपेयी को धन्यवाद दे रहे हैं।
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