Budget 2026: देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल 1 फरवरी को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी। बता दें कि, यह उनका लगातार नौवां बजट होगा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। बजट सुबह 11 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा। साथ ही, इस बार बजट को लेकर सैलरीड क्लास, किसान, उद्योग, गिग वर्कर्स, रियल एस्टेट, हेल्थ, डिफेंस और शेयर बाजार समेत हर वर्ग को खास उम्मीदें हैं। आम लोग बजट को ‘यूनियन बजट मोबाइल ऐप’ के जरिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में देख सकेंगे।
सैलरीड क्लास और टैक्सपेयर्स की नजर टैक्स राहत पर
बजट 2026 से सबसे ज्यादा उम्मीद सैलरीड क्लास को है। वहीं, माना जा रहा है कि इनकम टैक्स स्लैब में कुछ राहत मिल सकती है या फिर टैक्स नियमों को और आसान बनाया जा सकता है। सरकार पहले ही टैक्स सिस्टम को सरल बनाने और लोगों का भरोसा बढ़ाने की बात कर चुकी है। आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक टैक्स कलेक्शन मजबूत हुआ है और टैक्स भरने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि ईमानदार टैक्सपेयर्स को कुछ राहत मिल सकती है।
एक्सपोर्टर्स और इंडस्ट्री की लॉजिस्टिक्स पर नजर
निर्यातकों का कहना है कि भारत ने ‘मेक इन इंडिया’ में अच्छी प्रगति की है, लेकिन अब जरूरत ‘सेल फ्रॉम इंडिया’ की है। इसके लिए आधुनिक लॉजिस्टिक्स, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट, रेल से माल ढुलाई, तटीय जहाजरानी और अंतर्देशीय जलमार्गों पर ज्यादा निवेश जरूरी है। इससे सामान की डिलीवरी तेज होगी, लागत घटेगी और भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
गिग वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी की आस
देश में गिग इकॉनमी तेजी से बढ़ रही है और लाखों लोग इससे जुड़े हैं। गिग वर्कर्स की मांग है कि बजट में उनके लिए सामाजिक सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जाए। विशेषज्ञ चाहते हैं कि सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 को पूरी तरह लागू किया जाए और स्वास्थ्य व दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं ज्यादा से ज्यादा गिग वर्कर्स तक पहुंचें।
केमिकल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मांग
केमिकल इंडस्ट्री ने बजट से केमिकल पार्क्स के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और ज्यादा निवेश की मांग की है। साथ ही पर्यावरण मंजूरियों की प्रक्रिया को तेज करने की जरूरत बताई जा रही है, ताकि नए प्रोजेक्ट जल्दी शुरू हो सकें। इससे रोजगार बढ़ेगा और निर्यात को भी मजबूती मिलेगी।

रियल एस्टेट और होम बायर्स को राहत की उम्मीद
रियल एस्टेट सेक्टर को उम्मीद है कि बजट में होम लोन पर ब्याज में राहत, किफायती घरों को बढ़ावा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च जारी रहेगा। इससे घर खरीदने वालों का भरोसा बढ़ेगा और निर्माण गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी। खास तौर पर मिड-सेगमेंट और अफोर्डेबल हाउसिंग पर फोकस की मांग है।
डिफेंस बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी संभव
रक्षा क्षेत्र में इस बार बड़े ऐलान की उम्मीद है। रक्षा उपकरणों की खरीद और आधुनिकीकरण पर ज्यादा खर्च हो सकता है। रक्षा मंत्रालय ने अगले वित्त वर्ष के लिए रक्षा खरीद बजट में करीब 20% बढ़ोतरी की मांग की है। खास बात यह है कि जोर भारत में बने रक्षा सामानों की खरीद पर रहेगा, जिससे डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस स्टॉक्स को फायदा मिल सकता है।
हेल्थ, एविएशन और ट्रैवल सेक्टर की उम्मीदें
हेल्थ सेक्टर चाहता है कि इलाज सस्ता करने के लिए मेडिकल उपकरणों पर टैक्स कम हो और डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा मिले। एविएशन इंडस्ट्री की लंबे समय से मांग है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) को GST के दायरे में लाया जाए, ताकि हवाई यात्रा सस्ती हो सके। वहीं ट्रैवल इंडस्ट्री विदेश यात्रा पर लगने वाले TCS नियमों में राहत चाहती है।
क्रिप्टो और नए जमाने के सेक्टर
क्रिप्टोकरेंसी को लेकर भी बजट से उम्मीदें हैं। फिलहाल क्रिप्टो पर 30% फ्लैट टैक्स लगता है। माना जा रहा है कि सरकार टैक्स को और सख्त करने की बजाय नियमों को स्पष्ट और सरल बना सकती है।
शेयर बाजार रहेगा खुला
जानकारी के लिए बता दें कि कल 1 फरवरी को बजट पेश होने के दिन, भले ही रविवार हो, शेयर बाजार खुले रहेंगे। जिसमें NSE और BSE में सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 बजे तक ट्रेडिंग होगी। यह बजट डे ट्रेडिंग की पुरानी परंपरा है।
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