Jammu Kashmir Terrorist: जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश को सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया है. Uri सेक्टर में भारतीय सेना और पुलिस के संयुक्त अभियान में एक पाकिस्तानी आतंकवादी को मार गिराया गया. अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई 14 और 15 मार्च 2026 की दरमियानी रात को शुरू हुई थी. यह ऑपरेशन भारतीय सेना और Jammu and Kashmir Police के संयुक्त प्रयास से अंजाम दिया गया. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस कार्रवाई के जरिए सीमा पार से घुसपैठ की एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया.
खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू हुआ ऑपरेशन
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार Indian Army को आतंकियों की संभावित घुसपैठ के बारे में पहले ही खुफिया सूचना मिल गई थी. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यह इनपुट साझा किया कि कुछ आतंकवादी सीमा पार से घुसपैठ करने की कोशिश कर सकते हैं. इसके बाद सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उरी सेक्टर के बुछार (Buchar/Bukhar) इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया. इस ऑपरेशन को “ऑपरेशन डिग्गी-2” नाम दिया गया.
मुठभेड़ में मारा गया पाकिस्तानी आतंकी
सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान के दौरान संदिग्ध गतिविधि देखी.इसके बाद आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई.कुछ समय तक चली गोलीबारी में एक पाकिस्तानी आतंकवादी मारा गया. अधिकारियों के अनुसार यह आतंकी नियंत्रण रेखा पार कर भारत में घुसने की कोशिश कर रहा था.
चिनार कोर ने दी जानकारी
इस ऑपरेशन की जानकारी सेना की Chinar Corps ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की.पोस्ट में बताया गया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर 14-15 मार्च की रात उरी सेक्टर में संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें घुसपैठ की कोशिश कर रहे एक आतंकवादी को मार गिराया गया.
इलाके में जारी है सर्च ऑपरेशन
मुठभेड़ के बाद भी सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखा है. अधिकारियों का कहना है कि यह सुनिश्चित करने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है कि आसपास कोई अन्य आतंकी छिपा हुआ न हो. सेना और पुलिस की संयुक्त टीमें पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चला रही हैं.
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशें समय-समय पर सामने आती रहती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि सीमा पार मौजूद आतंकी संगठन अक्सर मौसम और इलाके की भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर घुसपैठ की कोशिश करते हैं. लेकिन भारतीय सेना की सतर्क निगरानी और आधुनिक तकनीक के कारण इन कोशिशों को अक्सर नाकाम कर दिया जाता है.
राजौरी में भी नाकाम हुई घुसपैठ
इससे पहले Rajouri जिले में भी घुसपैठ की एक कोशिश को सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया था. यह घटना 10 मार्च को नियंत्रण रेखा के पास हुई थी. सेना को खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग सीमा पार से भारत में घुसने की कोशिश कर सकते हैं.
सुरक्षा बलों ने निगरानी बढ़ाने के बाद Nowshera सेक्टर में संदिग्ध गतिविधियां देखीं.जम्मू स्थित रक्षा प्रवक्ता के अनुसार दो संदिग्ध आतंकियों को दोपहर करीब तीन बजे झांगर क्षेत्र के पास देखा गया, जो नियंत्रण रेखा के करीब स्थित है. इसके बाद सेना ने इलाके में ऑपरेशन शुरू किया.
आतंकवाद के खिलाफ जारी अभियान
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल लगातार आतंकवाद के खिलाफ अभियान चला रहे हैं. सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बल मिलकर आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और समय-समय पर सर्च ऑपरेशन चलाते हैं. इन अभियानों का उद्देश्य न केवल आतंकियों को खत्म करना है बल्कि सीमा पार से होने वाली घुसपैठ को भी रोकना है.
तकनीक और निगरानी से मजबूत हुई सुरक्षा
हाल के वर्षों में भारतीय सेना ने सीमा पर निगरानी के लिए कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाया है. ड्रोन, थर्मल इमेजिंग कैमरे और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से सीमा पार से होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाती है. इन तकनीकों के कारण घुसपैठ की कोशिशों को समय रहते पहचानना आसान हो गया है.
स्थानीय लोगों की भूमिका भी अहम
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है. कई बार स्थानीय नागरिकों की सूचना के आधार पर सुरक्षा बल आतंकियों की गतिविधियों का पता लगाने में सफल होते हैं.
वही कुछ, सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उरी में हुई यह कार्रवाई दिखाती है कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं. उनका मानना है कि समय रहते मिली खुफिया जानकारी और सेना की त्वरित कार्रवाई से बड़ी घटना को टाला जा सका.
हालाँकि, भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर समय-समय पर तनाव देखने को मिलता है और फिलहाल दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम लागू है, लेकिन इसके बावजूद घुसपैठ की कोशिशें और आतंकी गतिविधियां सामने आती रहती हैं.
सुरक्षा बलों की सतर्कता से टली बड़ी घटना
उरी सेक्टर में हुई इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है. समय रहते मिली खुफिया जानकारी और त्वरित कार्रवाई के कारण आतंकियों की साजिश नाकाम हो गई. फिलहाल सुरक्षा बल पूरे इलाके में सतर्क हैं और सीमा पार से होने वाली किसी भी गतिविधि पर कड़ी नजर रखे हुए हैं.
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