Vande Mataram 150th Anniversary: संसद में इस बार ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए एक विशेष बहस की जाएगी। दरअसल, लोकसभा की कार्यसूची में 8 दिंसबर, 2025 सोमवार के दिन ‘वंदे मातरम्’ विषय को चर्चा करने के लिए खासतौर पर एक अलग स्थान दिया है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी खुद संसद में बहस की शुरुआत करेंगे।
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बताया जा रहा है कि इस चर्चा से राष्ट्रीय गीत का इतिहास, महत्व और स्वतंत्रता संग्राम में इसके योगदान से जुड़े कई नए और रोचक तथ्य सामने रखे जाएंगे।
‘वंदे मातरम्‘ बहस पर 10 घंटे निर्धारित
बता दें कि लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ बहस के लिए पूरे 10 घंटे निर्धारित किए गए हैं,जिसमें पीएम मोदी पहले बहस शुरू करेंगे। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपना पक्ष रखेंगे। वहीं, विपक्ष की ओर से कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई और प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ सांसद भी इस बहस में शामिल होंगे।
चर्चा के दौरान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री पहले ही कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम्’ के कुछ छंद हटाने का आरोप है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में इस मुद्दे पर शांतिपूर्ण और सकारात्मक चर्चा के लिए सहमति बनी थी।

सांस्कृतिक धरोहर को एक नई दृष्टि
वही, लोकसभा के बाद राज्यसभा में मंगलवार को इस विषय पर चर्चा होगी। अनुमान है कि गृह मंत्री अमित शाह बहस की शुरुआत करेंगे। इस दौरान नेता सदन जेपी नड्डा दूसरे वक्ता होंगे। दोनों सदनों में होने वाली यह चर्चा ’वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को एक नई दृष्टि से समझने का अवसर मिलेगा।
केंद्र सरकार के द्वारा वर्षगांठ के मौके पर विशेष स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे स्वतंत्रता संग्राम की अमर धरोहर बताते हुए कहा था कि यह गीत भारत की सांस्कृतिक आत्मा और राष्ट्रभक्ति को एक नए जोश भर देता है।
वंदे मातरम् के बारे में
वंदे मातरम् गीत को 1870 के दशक में बंकिम चंद्र चटर्जी के द्वारा संस्कृतनिष्ठ बंगाली भाषा मे लिखा गया था। यह गीत उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंदमठ’ का हिस्सा है, जिसका प्रकाशन 1882 में हुआ था।
जदुनाथ भट्टाचार्य ने इससे संगीतबद्ध किया था। आज़ादी के आंदोलन में वंदे मातरम् ने क्रांतिकारियों को एकजुट करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देशभक्ति का प्रतीक बना। वर्ष 1950 में वंदे मातरम् को भारत का राष्ट्रीय गीत घोषित किया गया।
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