शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश की जेल में बंद हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास का मुद्दा उठाया।

चिन्मय दास का मुद्दा

उन्होंने कहा कि मां के अंतिम संस्कार के दौरान चिन्मय दास के आंसुओं की तस्वीरों ने दुनिया भर के सनातनियों को झकझोर दिया।

चिन्मय दास को अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए 5 घंटे की पैरोल दी गई थी।

अंतिम संस्कार के दौरान चिन्मय दास अपनी मां के शव से लिपटकर रोते नजर आए। उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनका परिवार भी बंटवारे के दौरान अपना घर छोड़कर भारत आया था, क्योंकि वे हिंदू थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि लेफ्ट फ्रंट और टीएमसी ने बंगाली हिंदुओं की विरासत और उनके संघर्ष को भुलाने की कोशिश की।

शुभेंदु ने आरोप लगाया कि वामपंथी सरकार ने बंगाल की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को कमजोर करने की कोशिश की।

शुभेंदु अधिकारी लगातार बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते रहे हैं।