दीपांशु ने शहीद भगत सिंह कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। फिलहाल वह दिल्ली यूनिवर्सिटी से बुद्धिस्ट स्टडीज में PG कर रहे हैं।
दीपांशु के मुताबिक, वह करीब चार साल तक NSUI से जुड़े रहे और कैंपस के छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाते रहे।
दीपांशु का दावा है कि NSUI ने पहले उन्हें VP उम्मीदवार बनाया था, लेकिन बाद में उनका टिकट काट दिया गया। उन्होंने इसके बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया।
दीपांशु ने पार्टी के बजाय छात्रों के बीच अपना कैंपेन चलाया। उनका नारा था—‘डीयू का यकीन, दीपांशु शौकीन’।