FSSAI की जांच में दोनों कंपनियों की हींग तय गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी। नमूनों की लैब जांच के बाद कार्रवाई की गई।
नियमों के मुताबिक मिश्रित हींग में कम से कम 5% अल्कोहल में घुलनशील अर्क होना चाहिए। जांच में यह 0 से 3% तक ही मिला।
लालजी गोधू की कच्ची हींग की 6 किस्मों में 15 से 32% तक स्टार्च पाया गया। जबकि इसकी तय अधिकतम सीमा सिर्फ 1% है।
एवरेस्ट के एग करी मसाला, चिकन मसाला और गरम मसाला में भी नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है। हालांकि इनकी बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई।
FSSAI ने एवरेस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कंपनी से आगे की कार्रवाई के लिए प्लान भी मांगा गया है।
नियामक ने संबंधित कंपनियों को गुणवत्ता में फेल उत्पाद बाजार से वापस लेने और जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है।
FSSAI पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर लाल चेतावनी लेबल लगाने की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य ग्राहकों को ज्यादा चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट वाले उत्पादों की जानकारी देना है।