छात्रों ने लगातार तीन दिनों तक प्रदर्शन किया। उन्होंने संस्थान के सामने 18 सूत्रीय मांगों का चार्टर रखा।
परीक्षा के दौरान प्रो. सूर्यनारायण दूल्ला इनविजिलेटर की भूमिका में थे। संस्थान के मुताबिक, साहिल के खिलाफ उस समय कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं हुई थी।
साहिल के परिवार ने कुछ अधिकारियों पर उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले में प्रो. दूल्ला का नाम भी शामिल है।
छात्रों ने स्वतंत्र जांच, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, शिकायत निवारण व्यवस्था और शिक्षकों के आचरण को लेकर स्पष्ट नियम बनाने की मांग की है।