कर्नाटक के मंत्री बी. नागेंद्र ने दिया इस्तीफा

बी. नागेंद्र ने मंत्री पद छोड़ने का ऐलान किया। वाल्मीकि निगम घोटाले को लेकर थे विपक्ष के निशाने पर है।

इस्तीफे की घोषणा के दौरान नागेंद्र रो पड़े। उन्होंने खुद पर लगे सभी आरोपों को खारिज किया।

उन्होंने कहा कि वाल्मीकि निगम के किसी लेनदेन में उनके दस्तखत नहीं हैं। उनका आरोप है कि दलित होने की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

नागेंद्र ने कहा कि उनके खिलाफ रोजाना बड़ी संख्या में झूठ फैलाए जा रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले में बैंकों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

निगम के लेखा अधीक्षक पी. चंद्रशेखरन की आत्महत्या के बाद करीब 89.63 करोड़ रुपये के अनधिकृत लेनदेन का मामला सामने आया था।

घोटाले के सामने आने के समय नागेंद्र कर्नाटक के जनजातीय कल्याण मंत्री थे। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने जून 2024 में पद छोड़ दिया था।

बी. नागेंद्र को योजना और सांख्यिकी विभाग की जिम्मेदारी देकर दोबारा कर्नाटक सरकार में शामिल किया गया था।

नागेंद्र ने कहा कि वह मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मुलाकात करेंगे। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तीफा सौंपेंगे।

वाल्मीकि निगम घोटाले को लेकर कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है।