2024 में बनी राधाकृष्णन कमेटी
की रिपोर्ट दो साल तक लागू नहीं हुई। इसी दौरान NEET पेपर लीक के मामले बढ़ते रहे
पूर्व ISRO प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी, ताकि NTA की परीक्षा प्रणाली में सुधार हो सके
नवंबर 2024 में रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई थी, लेकिन बड़े सुधार लागू करने में लगातार देरी होती रही
CBI जांच में 21 आरोपी पकड़े गए और 144 छात्रों तक नेटवर्क पहुंचने की बात सामने आई
सीबीआई समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी, जिसके बाद मुख्य आरोपी संजीव मुखिया को जमानत मिल गई
2025 में बड़ा विवाद नहीं हुआ तो सरकार और NTA ने मान लिया कि सिस्टम ठीक चल रहा है
हर पेपर लीक के बाद गैंग पकड़े गए, लेकिन NTA के अंदरूनी लोगों की भूमिका पर अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई