1974 में भारत के परमाणु परीक्षण के बाद
भुट्टो बोले- “हम घास खाएंगे, लेकिन अपना बम बनाएंगे.”
पाकिस्तान ने कहुटा में तेजी से परमाणु कार्यक्रम शुरू किया.
इजरायल को डर था कि पाकिस्तान “इस्लामिक बम” बना रहा है.
दोनों देशों ने मिलकर कहुटा पर हमला करने की योजना बनाई.
भारतीय और इजरायली लड़ाकू विमानों को मिशन के लिए तैयार किया गया.
पाकिस्तान ने धमकी दी कि हमला हुआ तो मुंबई के ट्रॉम्बे पर जवाबी वार होगा.
CIA को ऑपरेशन की भनक लग गई और अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाया.
परमाणु युद्ध के खतरे को देखते हुए इंदिरा गांधी ने आखिरी समय में ऑपरेशन रद्द कर दिया.