बैठक में ऊर्जा सुरक्षा भी अहम मुद्दा रहा। दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान वैश्विक तनाव और यूक्रेन संकट से जुड़े हालात पर भी विचार-विमर्श की उम्मीद रही। शांतिपूर्ण समाधान पर भारत का रुख अहम है।
बैठक के बाद PM मोदी और पुतिन एक ही कार में सवार होकर भारत मंडपम की औद्योगिक प्रदर्शनी देखने पहुंचे।
PM मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को प्रसिद्ध तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी भाषा में अनुवाद भेंट किया। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।