West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में हुए 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले चल रहा मतदाता सूची (SIR) अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। जिसमें तृणमूल कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं।
[expander_maker id=”1″ more=”Read more” less=”Read less”]
ऐसे में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सैकड़ों बांग्लादेशी नागरिक बिना कागजात के अपने देश लौटने लगे हैं।
चुनाव आयोग को बताया साजिश
दरअसल, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR को BJP चुनाव आयोग को इसे साजिश बताया है। जिसमें उनका आरोप है कि, इस बहाने लाखों वैध बंगाली वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं। जिसमें दूसरी तरफ BJP का कहना है कि,अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट में डाले गए थे, अब वे डर के मारे भाग रहे हैं।
कोलकात में विवाद
बताया जा रहा है कि, सबसे ज्यादा विवाद कोलकाता के सोनागाछी इलाके में हुआ है। जिसमें एशिया के सबसे बड़े रेड-लाइट एरिया में रहने वाली हजारों देह व्यापार से जुड़ी महिलाओं में डर फैल गया है कि SIR के नाम पर उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा या पुलिस परेशान करेगी। वहीं कुछ महिलाएं इलाका छोड़कर भाग रही हैं।
कैंप लगाए जाएंगे
दरअसल, चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। जिसमें 2 और 3 दिसंबर को सोनागाछी और साथ ही कुछ खास इलाकों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। वहीं इन कैंपों में वोटर लिस्ट से जुड़ी हर शिकायत सुनी जाएगी और फॉर्म भरने में मदद की जाएगी।

बांग्लादेशी नागरिकों की वापसी
उत्तर 24 परगना के बनगांव, हाकिमपुर और पेट्रापोल बॉर्डर पर नवंबर से बांग्लादेशी नागरिकों की वापसी का सिलसिला जारी है। जिसमें स्थानीय लोग और BSF के अधिकारी का कहना है कि, ज्यादातर लोग बिना पासपोर्ट-वीजा के ही तार काटकर या नदी पार करके बांग्लादेश लौट रहे हैं। जिसमें BJP इसे घुसपैठियों की भगदड़ बता रही है। वहीं तृणमूल इसे BJP का डराने का प्रोपेगंडा कह रही है।
राजनीतिक जंग की गवाह
चुनाव आयोग का कहना है कि, SIR पूरे देश में चल रहा है और इसका मकसद केवल मतदाता सूची को साफ-सुथरा करना है। जिसमे पश्चिम बंगाल में पहला चरण 4 दिसंबर तक चलेगा और ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 9 दिसंबर को आएगी।
वहीं, अगले कुछ महीने में यह साफ हो जाएगा कि वोटर लिस्ट की यह सफाई 2026 के चुनावी नतीजों पर कितना असर डालेगी। फिलहाल दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं और सीमा पर लौटते लोग और सोनागाछी की बेचैन औरतें इस राजनीतिक जंग की सबसे बड़ी गवाह बन गई हैं।
ये भी पढ़ें: अब बिना Sim के नहीं खुलेगा चैट ऐप, WhatsApp, टेलीग्राम, स्नैपचैट के नए नियम 90 दिनों में होंगे लागू
[/expander_maker]



