जबलपुर में बिजली विभाग की अनदेखी अब छुप नहीं पा रही है। मेंटेनेंस में ढिलाई और उपभोक्ताओं के फोन न उठाने की शिकायतें मिलने पर विभाग ने कड़ा कदम उठाया है। पूर्वी क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने एक जेई (वीरेंद्र कुशवाहा) की वेतन वृद्धि रोक दी है, जबकि दो अन्य जेई को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है।
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मंत्री के आदेश के बाद ताबड़तोड़ एक्शन
ऊर्जा मंत्री ने साफ निर्देश दिए हैं कि ग्राहक फीडबैक और जनसंवाद अब अनिवार्य है। इसी के बाद बिजली विभाग ने अपने कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नजर कस दी है।
अब खुद फोन कर पूछ रहे हैं ‘कैसी है सेवा?’
बिजली विभाग के अधिकारी अब रैंडम कॉलिंग के जरिए उपभोक्ताओं से बिल, बिजली आपूर्ति और सेवा की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। इतना ही नहीं, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता हर सप्ताह कम से कम 10 उपभोक्ताओं से सीधे संवाद करेंगे।
अब तक 9322 उपभोक्ताओं से फीडबैक!
अब तक 9322 उपभोक्ताओं से फीडबैक लिया जा चुका है, जिससे यह साफ हो गया है कि कई क्षेत्रों में सेवा गुणवत्ता में लापरवाही हो रही थी।
एसई संजय अरोरा का कहना है कि सप्लाई व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए गए हैं और भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही पर सीधी और सख्त कार्रवाई होगी।
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