अन्ना हजारे ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान कर दिया है। अन्ना ने साफ कहा है कि वह 30 जनवरी, 2026 से आमरण अनशन पर बैठेंगे। इस आमरण को लेकर उनका कहना है कि यह आंदोलन अब अंतिम लड़ाई होगी और इस बार सरकार को लोकायुक्त कानून लागू करना ही होगा।
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2022 का वादा आज भी अधूरा
अन्ना हजारे ने एक बार फिर से सरकार को याद दिलाया कि 2022 में भी उन्होंने लोकायुक्त कानून की मांग को लेकर इसी गाँव में अनशन किया था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय कृषि मंत्री के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने अनशन समाप्त किया।
उस दौरान सरकार ने वादा किया था कि लोकायुक्त कानून बनाकर लागू किया जाएगा। समिति गठित कर ड्राफ्ट तैयार हुआ और साथ ही दोनों सदनों से कानून पारित होने के बाद फाइल राष्ट्रपति के पास भेज भी दी गई, लेकिन सरकार की इस बात को कई साल बीत गए लेकर अभी तक कोई खास फैसला नहीं लिया गया।

सरकार की चुप्पी पर सवाल
अन्न हजारे का कहना है कि उन्होंने इस मुद्दे पर देवेंद्र फडणवीस को सात बार पत्र लिखा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उनका यह भी कहना है कि अगर कानून जनता के हित में है, तो सरकार इसे लागू करने में इतनी देर क्यों कर रही है?
वही, हजारे ने इसे सरकार की उदासीनता बाते हुए कहा कि जनता को उम्मीद होती है कि सरकार उसके भले के लिए काम करेगी, लेकिन मौजूदा हालात देखकर ऐसा नहीं लगता।
अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार सिर्फ दिखावा करने के लिए नहीं होती, बल्कि जनता की समस्याओं को हल करने के लिए होती है। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त कानून भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए बेहद जरूरी है और जब तक यह लागू नहीं होता, प्रशासनिक पारदर्शिता अधूरी ही रहेगी।
30 जनवरी से होगा आंदोलन
खबरों के अनुसार, हजारे ने 30 जनवरी, 2026 से आमरण अनशन शुरू करेंगे और इस बार पीछे हटने का किसी भी तरह का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सच में जनता की हितैषी है, तो उसे लोकायुक्त कानून लागू करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
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