Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज मंगलवार के दिन गोवा में E20 पेट्रोल को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उनका कहना है कि, 2027 के विधानसभा चुनाव (Goa Assembly Election) के बाद गोवा में अगर आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है, तो नतीजे घोषित होने के महज पांच दिन के भीतर E20 पेट्रोल (E20 Petrol) की बिक्री पर रोक लगा दी जाएगी। केजरीवाल ने यह घोषणा E20 पेट्रोल के खिलाफ आयोजित टाउनहॉल कार्यक्रम के दौरान की है।
वहीं, केजरीवाल ने लोगों से अपील है कि अगर जनता इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता से बाहर कर देती है तो उनकी सरकार बनने के बाद E20 को हटाने में पांच दिन से ज्यादा समय नहीं लगेगा।
E20 को लेकर केजरीवाल ने क्या कहा?
अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार (Central Government) की नीति पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि पेट्रोल में 20 फीसदी तक एथेनॉल (Ethanol) मिलाने से कई वाहन मालिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि E20 के इस्तेमाल से कुछ वाहनों में इंजन और फ्यूल सिस्टम से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं, जबकि माइलेज में भी कमी महसूस की जा रही है।
केजरीवाल ने कहा कि उन्हें E20 पेट्रोल को लेकर बड़ी संख्या में लोगों के संदेश और प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। उनके मुताबिक, कई वाहन मालिकों ने पेट्रोल की खपत, माइलेज और वाहन के प्रदर्शन को लेकर अपनी परेशानी साझा की है।साथ ही उन्होंने लोगों से कहा कि अगर उन्हें लगता है कि E20 पेट्रोल से परेशानी बढ़ रही है, तो आगामी चुनाव में इस मुद्दे को ध्यान में रखते हुए मतदान करें।
बीजेपी पर भी साधा निशाना
टाउनहॉल के दौरान केजरीवाल ने बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी को अपनी जीत का इतना भरोसा है कि उसे लगता है कि जनता के पास सरकार बदलने का कोई विकल्प नहीं है।
केजरीवाल ने कहा कि इस बार अगर गोवा और उत्तर प्रदेश में बीजेपी चुनाव हारती है तो राजनीतिक संदेश साफ होगा। उन्होंने गोवा के लोगों से AAP को मौका देने की अपील करते हुए कहा कि उनकी सरकार बनने पर E20 पेट्रोल को लेकर तुरंत फैसला लिया जाएगा। उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि अगर उनकी सरकार बनने के बाद पांच दिन के अंदर E20 पेट्रोल को वापस नहीं लिया गया तो वह राजनीति छोड़ने तक की बात पर विचार करेंगे। इस बयान के बाद E20 पेट्रोल का मुद्दा गोवा की चुनावी राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

E20 पेट्रोल क्या है?
E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है जिसमें पेट्रोल के साथ 20 फीसदी तक एथेनॉल मिलाया जाता है। एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। भारत में पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की नीति का उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों के लिए एथेनॉल आधारित बाजार को बढ़ावा देना और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।
बता दें E20 पेट्रोल को लेकर वाहन मालिकों के बीच लगातार चर्चा होती रही है। खास तौर पर पुराने वाहनों में माइलेज और इंजन से जुड़ी संभावित समस्याओं को लेकर सवाल उठाए जाते हैं। दूसरी ओर, सरकार और तेल क्षेत्र से जुड़े पक्ष E20 को देश की ऊर्जा नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते रहे हैं।
चीनी की कीमतों से भी जोड़ा मुद्दा
केजरीवाल ने E20 पेट्रोल के मुद्दे को चीनी की कीमतों से भी जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि एथेनॉल उत्पादन के लिए बड़ी मात्रा में गन्ने का इस्तेमाल होने से चीनी के लिए उपलब्ध गन्ने पर असर पड़ सकता है। उनका दावा है कि करीब 25 लाख टन चीनी के बराबर गन्ने को एथेनॉल उत्पादन की ओर भेजा गया है। हालांकि, केंद्र सरकार विपक्ष की ओर से लगाए गए ऐसे आरोपों को पहले ही खारिज कर चुकी है। सरकार का कहना है कि घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए देश में पर्याप्त चीनी का स्टॉक मौजूद है। केंद्र ने चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए उद्योग से जुड़े कारणों को जिम्मेदार बताया है।
2027 में बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है E20
गोवा में 2027 का विधानसभा चुनाव (2027 Goa Assembly Elections) अभी दूर है, लेकिन आम आदमी पार्टी ने E20 पेट्रोल को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दे के तौर पर उठाना शुरू कर दिया है। केजरीवाल यह ऐलान इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
ऐसे में AAP का दावा है कि E20 को लेकर वाहन मालिकों में नाराजगी है, जबकि केंद्र सरकार इस नीति को पेट्रोलियम क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मानती है। अब देखना होगा कि 2027 के गोवा विधानसभा चुनाव में E20 पेट्रोल का मुद्दा कितना प्रभाव डालता है और क्या यह आम आदमी पार्टी के लिए वोटरों को अपने पक्ष में लाने में मदद करता है।



