Rajya Sabha Candidates 2026: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी राज्यसभा चुनाव (Upcoming Rajya Sabha Election) के लिए अपने 8 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। बता दें पार्टी की ओर से जारी सूची में कई नए चेहरों को मौका दिया गया है। वहीं, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा जैसे मौजूदा राज्यसभा सांसदों को दोबारा टिकट नहीं दिया गया है। बीजेपी के इस फैसले को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में आइए यहां जानें खबर की पूरी जानकारी
BJP ने इन 8 नेताओं को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार
बीजेपी की ओर से जारी आधिकारिक सूची में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया गया है। सूची में दो महिला चेहरों को भी जगह मिली है। इनमें पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार शामिल हैं।
1. धर्मपाल सिंह: धर्मपाल सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं और संगठन में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उनका नाम राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में शामिल कर बीजेपी ने संगठन और सरकार दोनों स्तर पर सक्रिय नेताओं को महत्व देने का संकेत दिया है।
2. राधाकांत ओझा: वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा को भी पार्टी ने राज्यसभा का टिकट दिया है। वह कानूनी क्षेत्र से जुड़े प्रमुख नामों में शामिल हैं। उनके चयन के जरिए बीजेपी ने पेशेवर और संगठन से जुड़े चेहरे को उच्च सदन में भेजने का फैसला किया है।
3. प्रकाश पाल: प्रकाश पाल का नाम भी बीजेपी की आठ सदस्यीय सूची में शामिल है। वह पार्टी के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं और ओबीसी मोर्चे से भी जुड़े रहे हैं। उनके चयन को पार्टी के पिछड़े वर्ग के सामाजिक समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
4. विद्यासागर सोनकर: विद्यासागर सोनकर बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वह पार्टी संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उनके अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है।
5. गोपी कृष्ण पांडेय: गोपी कृष्ण पांडेय भी बीजेपी की नई सूची में शामिल हैं। वह लंबे समय से पार्टी संगठन से जुड़े हुए हैं। उनके नाम के जरिए बीजेपी ने संगठन में काम करने वाले नेताओं को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया है।
6. प्रियंका सिंह रावत: बाराबंकी की पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत को भी राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है। महिला प्रतिनिधित्व के लिहाज से उनका चयन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह पहले लोकसभा सांसद रह चुकी हैं और बीजेपी संगठन में भी सक्रिय रही हैं।
7. राम प्रताप सिंह चौहान: राम प्रताप सिंह चौहान बीजेपी के प्रदेश महामंत्री हैं। वह संगठन में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके राज्यसभा उम्मीदवार बनने से पार्टी ने जमीनी संगठन से जुड़े नेता को उच्च सदन में भेजने का फैसला किया है।
8. श्रुति गंगवार: श्रुति गंगवार को भी बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव में उतारा है। उनकी उम्मीदवारी के जरिए पार्टी ने महिला प्रतिनिधित्व के साथ क्षेत्रीय समीकरण को भी साधने की कोशिश की है।
जातीय और सामाजिक समीकरण पर बीजेपी का फोकस
बीजेपी की इस सूची में सामाजिक समीकरण का खास ध्यान रखा गया है। रिपोर्टों के अनुसार आठ उम्मीदवारों में तीन ओबीसी, दो अनुसूचित जाति और तीन सामान्य वर्ग से आते हैं। सामान्य वर्ग में दो ब्राह्मण और एक राजपूत चेहरा शामिल है। ओबीसी वर्ग में भी अलग-अलग सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
इस तरह बीजेपी ने राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में सिर्फ राजनीतिक अनुभव ही नहीं, बल्कि जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को भी प्राथमिकता दी है। खास बात यह है कि पार्टी ने संगठन में सक्रिय नेताओं और नए चेहरों को अधिक महत्व दिया है।
हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को नहीं मिला टिकट
बीजेपी की सूची का सबसे बड़ा चौंकाने वाला पहलू केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा का नाम नहीं होना है। दोनों मौजूदा राज्यसभा सदस्य हैं, लेकिन पार्टी ने इस बार उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। हरदीप सिंह पुरी केंद्र में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हैं। उनका टिकट कटना राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
हालांकि, पार्टी ने दोनों नेताओं को टिकट क्यों नहीं दिया है, इसकी कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बीजेपी इन नेताओं को आगे कौन-सी जिम्मेदारी देती है।
16 अक्टूबर को होगा राज्यसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को चुनाव होना है। बीजेपी ने फिलहाल आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। पार्टी की इस सूची से साफ है कि उसने राज्यसभा चुनाव के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा है।
कुल मिलाकर बीजेपी की नई राज्यसभा सूची में नए चेहरों, संगठन के नेताओं, महिला प्रतिनिधित्व और सामाजिक समीकरण का संतुलन दिखाई देता है। वहीं हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा जैसे मौजूदा सांसदों को दोबारा मौका न मिलना इस पूरी सूची को और ज्यादा चर्चा में ला रहा है।



