Delhi News: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के बाद अपने अगले कदम को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बॉन्ड साइन (Bond Sign) करने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी फिर से सड़कों पर उतरेगी। दीपके ने कहा कि वे केंद्र सरकार से डरने वाले नहीं हैं और अपना विरोध जारी रखेंगे। वहीं, उन्होंने हिरासत के दौरान हुए अनुभवों को साझा करते हुए दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। अभिजीत दीपके ने अपनी दादी के निधन और माता-पिता की परेशानी का जिक्र करते हुए पुलिस के व्यवहार पर नाराजगी जताई। ऐसे में आइए यहां पढ़ें पूरी खबर
रिहाई के बाद अभिजीत दीपके ने क्या कहा?
जानकारी के लिए बता दें आज रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहाई मिली। इसके बाद ऐसी खबरें सामने आईं कि तीनों ने रिहाई के लिए बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, CJP की ओर से जारी बयान में इन खबरों को खारिज किया गया।
अभिजीत दीपके ने भी साफ कहा कि उन्होंने किसी बॉन्ड पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। उन्होंने दोहराया कि पार्टी अपने विरोध प्रदर्शन को आगे भी जारी रखेगी। उनके मुताबिक, हिरासत में लिए जाने के बावजूद उनका रुख नहीं बदला है और वे अपने विरोध से पीछे हटने वाले नहीं हैं। दीपके ने अपने बयान में केंद्र सरकार के शीर्ष नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से डर नहीं लगता। उन्होंने दावा किया कि पार्टी दोबारा सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराएगी।
‘हम फिर से सड़कों पर उतरेंगे’
रिहाई के बाद अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस के व्यवहार पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पुलिसकर्मियों के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया और आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके साथ संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई।
दीपके ने कहा, “मैंने किसी बॉन्ड पर दस्तखत नहीं किए हैं। हम फिर से सड़कों पर उतरेंगे। हम गृहमंत्री अमित शाह और पीएम मोदी जैसे लोगों से डरने वाले नहीं हैं।” उन्होंने आगे कहा कि उन्हें बार-बार जेल में डालने से भी उनका विरोध खत्म नहीं होगा। दीपके ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वे इसके खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
इस बयान से साफ है कि रिहाई के बाद भी CJP अपने विरोध प्रदर्शन को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है। हालांकि, पार्टी के अगले प्रदर्शन की तारीख, स्थान और अन्य तैयारियों को लेकर इस बयान में कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
हिरासत के दौरान अभिजीत दीपके के साथ क्या हुआ?
अभिजीत दीपके ने हिरासत के दौरान की घटनाओं का जिक्र करते हुए अपनी आपबीती भी सुनाई। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस के अधिकारी सुबह उनके पास आए और उन्हें उनकी दादी के निधन की जानकारी दी।
दीपके के अनुसार, यह खबर मिलने के बाद उन्होंने अपने चचेरे भाई से फोन पर बात करने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने पुलिस से कहा कि उन्हें केवल दो मिनट के लिए फोन चाहिए, ताकि वे अपने चचेरे भाई से संपर्क कर सकें। उनका दावा है कि पुलिस ने फोन देने से इनकार कर दिया और उनसे नंबर बताने को कहा। दीपके ने बताया कि उन्हें नंबर याद नहीं था, इसलिए उन्होंने फोन देने का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई।
दीपके ने इस घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि परिवार में हुई मौत जैसी दुखद घटना के समय उन्हें अपने परिजनों से बात करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने हिरासत के दौरान पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए।
सुबह 3:30 बजे माता-पिता को फोन करने के लिए कहा
अभिजीत दीपके ने अपने बयान में एक अन्य घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 3:30 बजे दिल्ली पुलिस उनके पास आई और उनसे अपने माता-पिता को फोन करके गिरफ्तारी की जानकारी देने के लिए कहा।
दीपके ने सवाल उठाया कि इतनी सुबह उनके माता-पिता को इस तरह की खबर देने के पीछे क्या उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि उनकी दादी के निधन के कारण माता-पिता पहले से ही सदमे में थे और इस परिस्थिति में गिरफ्तारी की सूचना मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ सकती थी। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में परिवार के प्रति संवेदनशीलता दिखाई जानी चाहिए थी। दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनकी और उनके परिवार की भावनात्मक स्थिति को समझने की कोशिश नहीं की। हालांकि, हिरासत के दौरान हुए व्यवहार को लेकर अभिजीत दीपके ने जो बातें कही हैं, वे उनके अपने आरोप और अनुभव हैं। इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की प्रतिक्रिया की जानकारी यहां उपलब्ध नहीं है।
रिहाई के बाद अब क्या है CJP का अगला प्लान?
रिहाई के बाद अभिजीत दीपके के बयान से संकेत मिलता है कि कॉकरोच जनता पार्टी अपना विरोध जारी रखने की तैयारी में है। उन्होंने साफ कहा कि हिरासत और गिरफ्तारी की कार्रवाई से उनका आंदोलन नहीं रुकेगा।
बॉन्ड साइन करने की खबरों को खारिज करना और दोबारा सड़कों पर उतरने का ऐलान करना, दोनों ही बातें पार्टी के आगे के रुख को दर्शाती हैं। हालांकि, आंदोलन का अगला चरण कब शुरू होगा और उसमें कौन-कौन शामिल होगा, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
फिलहाल, अभिजीत दीपके की रिहाई के बाद उनका बयान चर्चा में है। एक तरफ उन्होंने बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने की खबरों का खंडन किया है, वहीं दूसरी तरफ हिरासत के दौरान हुए अनुभवों को साझा कर दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अब देखना होगा कि CJP अपने ऐलान के मुताबिक आगे क्या कदम उठाती है और इस मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से कोई जवाब सामने आता है या नहीं।
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