CJP Protest News: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है। जिसमें पार्टी का कहना है कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। CJP ने रविवार को एक बार फिर जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की घोषणा की है।
वहीं, पार्टी के प्रमुख सदस्यों को हिरासत में लिए जाने के बाद आंदोलन की जिम्मेदारी अजिंक्य शिंदे ने संभाल ली है। पार्टी ने अभिजीत दीपके की रिहाई की मांग भी उठाई है। ऐसे में आइए यहां पढ़ें पूरी खबर
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन
कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया था। अब पार्टी ने साफ कर दिया है कि उसकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन नहीं रुकेगा। CJP की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की जानकारी दी।
पार्टी के मुताबिक, रविवार को समर्थक एक बार फिर जंतर-मंतर की ओर कूच करेंगे। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। हालांकि, यह पार्टी की राजनीतिक मांग है। इस संबंध में संबंधित पक्षों का आधिकारिक रुख अलग हो सकता है।
अभिजीत दीपके की दादी का निधन, परिवार परेशान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अजिंक्य शिंदे ने अभिजीत दीपके के परिवार से जुड़ी जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि दीपके की दादी का निधन हो गया है। शिंदे के अनुसार, परिवार को इस दुखद घटना की जानकारी अभिजीत तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि परिवार को अभिजीत के ठिकाने का पता नहीं चल पा रहा है और उनके वकील भी उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। अजिंक्य शिंदे ने दिल्ली पुलिस से अभिजीत दीपके को तुरंत रिहा करने की मांग की।
इस मामले में अभिजीत दीपके की हिरासत की स्थिति और परिवार को उनसे संपर्क करने की अनुमति से जुड़ी जानकारी संबंधित अधिकारियों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अजिंक्य शिंदे को सौंपी गई आंदोलन की कमान
अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिए जाने के बाद CJP के आंदोलन की जिम्मेदारी अजिंक्य शिंदे ने संभाल ली है। पार्टी के अनुसार, दीपके ने हिरासत में लिए जाने से पहले एक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया है।
वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि अगर लोग यह वीडियो देख रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उन्हें, सौरभ दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने अपने समर्थकों से अजिंक्य शिंदे का साथ देने और उनकी गैरमौजूदगी में आंदोलन जारी रखने की अपील की है। इस संदेश के जरिए दीपके ने समर्थकों को आंदोलन जारी रखने का संदेश दिया। अब पार्टी की आगे की रणनीति और रविवार को होने वाले प्रदर्शन पर सबकी नजरें टिकी हैं।
SIR के विरोध में प्रदर्शन, दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देश की राजनीति में पहले से ही बहस जारी है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची की जांच और उसमें जरूरी सुधार करना है। हालांकि, इसे लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद देखने को मिल रहे हैं।
CJP ने इसी मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई गई और आवाजाही को नियंत्रित किया गया। पुलिस ने अलग-अलग जगहों से कई नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और नेताओं को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा भी चर्चा में रहा। CJP ने अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
विपक्षी नेताओं को भी लिया गया हिरासत में
शनिवार को दिल्ली में हुए घटनाक्रम के दौरान विपक्षी गठबंधन के कई प्रमुख नेताओं को भी हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। इनमें दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नाम शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, इनमें से कई नेताओं को बाद में रिहा कर दिया गया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। हालांकि, अलग-अलग नेताओं की हिरासत और रिहाई से जुड़ी परिस्थितियां अलग हो सकती हैं। इसलिए प्रत्येक मामले की स्थिति की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से करना जरूरी है।
रविवार को जंतर-मंतर मार्च पर नजर
CJP के ऐलान के बाद अब रविवार को प्रस्तावित जंतर-मंतर मार्च महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी का कहना है कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है।
वहीं, अभिजीत दीपके और अन्य सदस्यों की हिरासत को लेकर भी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। अब देखना होगा कि रविवार को प्रदर्शन किस रूप में आगे बढ़ता है और दिल्ली पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, CJP ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है कि उसकी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। आने वाले समय में इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी और प्रशासनिक कार्रवाई पर सबकी नजर बनी रहेगी।
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