Azam Khan News: उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान से जुड़े इस विश्वविद्यालय को लेकर जिला प्रशासन की ओर से नई कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रशासन ने विश्वविद्यालय परिसर की 38 इमारतों को लेकर कार्रवाई का आदेश जारी किया है। इसी बीच गुरुवार को आजम खान की पत्नी और पूर्व विधायक डॉ. तंजीन फातिमा विश्वविद्यालय पहुंचीं और कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि उनके पास जवाब देने के लिए अभी 15 दिन का समय है। तंजीन फातिमा के अचानक विश्वविद्यालय पहुंचने से पूरे रामपुर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। उनके दौरे को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन के बीच कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
38 इमारतों को लेकर प्रशासन की कार्रवाई
रामपुर जिला प्रशासन ने विश्वविद्यालय परिसर की 38 इमारतों को लेकर कार्रवाई शुरू की है। प्रशासन का कहना है कि संबंधित निर्माणों को लेकर नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जा रही है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रबंधन इस कार्रवाई से सहमत नहीं है और उसका कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसी कारण दोनों पक्षों के बीच कानूनी प्रक्रिया जारी है।
जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचीं तंजीन फातिमा
गुरुवार को डॉ. तंजीन फातिमा अपने स्टाफ के साथ जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचीं। उन्होंने परिसर में मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से बातचीत की तथा मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि उनके पास न्यायालय के आदेश के अनुसार 15 दिन का समय उपलब्ध है। उनका कहना था कि जब तक यह समय समाप्त नहीं होता, तब तक किसी प्रकार की जल्दबाजी उचित नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन की कार्रवाई दुर्भावना से प्रेरित है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस आरोप पर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
तंजीन फातिमा ने कहा कि उनके पास अदालत का स्पष्ट आदेश है, जिसके अनुसार उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान प्रशासन को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने परिसर में मौजूद पुलिस बल की तैनाती पर भी सवाल उठाए।
राजनीतिक हलचल तेज
तंजीन फातिमा के दौरे के बाद रामपुर की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय के मामले को कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि वह कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई कर रहा है। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रदेश की राजनीतिक पार्टियों की भी नजर बनी हुई है।
क्या है जौहर यूनिवर्सिटी का इतिहास?
मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की स्थापना 18 सितंबर 2006 को की गई थी। विश्वविद्यालय का औपचारिक उद्घाटन 18 सितंबर 2012 को हुआ। यह संस्थान रामपुर में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी परियोजना के रूप में विकसित किया गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विश्वविद्यालय के निर्माण पर लगभग 500 से 800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया जाता है।
विश्वविद्यालय का प्रबंधन
विश्वविद्यालय से जुड़े प्रमुख पदों पर लंबे समय से आजम खान और उनका परिवार जुड़ा रहा है।
- कुलाधिपति (Chancellor): आजम खान
- कुलपति (Vice Chancellor): डॉ. जहीरुद्दीन
- पूर्व प्रो-वाइस चांसलर: डॉ. तंजीन फातिमा
- प्रो-चांसलर: अब्दुल्ला आजम खान
- सचिव: अदीब आजम खान
इसी कारण विश्वविद्यालय लंबे समय से राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाओं का केंद्र बना रहा है।
2017 के बाद बढ़ीं कानूनी चुनौतियां
वर्ष 2017 के बाद से जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कई मामलों की जांच शुरू हुई। भूमि, राजस्व, भवन निर्माण और अन्य प्रशासनिक मामलों को लेकर विभिन्न एजेंसियों द्वारा जांच की गई। कई मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हुई और कुछ मामले अब भी अदालतों में लंबित हैं। इसी दौरान आजम खान, उनके परिवार और विश्वविद्यालय से जुड़े कई लोगों के खिलाफ विभिन्न मामलों में जांच और मुकदमे दर्ज हुए।
प्रशासन क्या कह रहा है?
प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस जारी करने के बाद संबंधित पक्ष को अपना जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। आगे की कार्रवाई न्यायालय और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप ही होगी।
आगे क्या होगा?
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रबंधन के पास अपना पक्ष रखने के लिए समय उपलब्ध है। यदि संबंधित पक्ष निर्धारित अवधि में अपना जवाब दाखिल करता है, तो प्रशासन उस पर विचार करेगा। इसके बाद ही आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया तय होगी। इस कारण फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी संभावित कार्रवाई को लेकर सभी की नजर आने वाले दिनों पर टिकी हुई है।
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