Telegram Removed from App Store: टेक जगत में सोमवार को उस समय हलचल मच गई, जब दुनिया के कई देशों में iPhone यूजर्स ने देखा कि लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप Telegram अचानक Apple App Store से गायब हो गया है। ऐप सर्च करने पर कई यूजर्स को यह दिखाई नहीं दे रहा था, जबकि कुछ को “App Not Found” या “404 Error” जैसा संदेश मिल रहा था। इससे सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि क्या Apple ने Telegram को अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है। हालांकि कुछ ही घंटों बाद स्थिति स्पष्ट हो गई। Apple ने बताया कि ऐप को अस्थायी रूप से हटाया गया था क्योंकि समीक्षा के दौरान ऐसा कंटेंट मिला था जो कंपनी की बाल यौन शोषण सामग्री (Child Sexual Abuse Material – CSAM) संबंधी सख्त नीतियों का उल्लंघन करता था। Telegram ने तुरंत संबंधित कंटेंट हटाया और जिम्मेदार यूज़र का अकाउंट बंद कर दिया, जिसके बाद ऐप को दोबारा App Store पर बहाल कर दिया गया।
अचानक गायब हुआ Telegram
सोमवार को दुनिया के कई देशों के iPhone यूजर्स ने शिकायत की कि उन्हें App Store पर Telegram दिखाई नहीं दे रहा है। इससे नए यूजर्स ऐप डाउनलोड नहीं कर पा रहे थे और कुछ लोगों को लगा कि Apple ने ऐप को स्थायी रूप से हटा दिया है। इस घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X, Reddit और अन्य मंचों पर हजारों पोस्ट सामने आए। कई यूजर्स ने स्क्रीनशॉट साझा करते हुए बताया कि Telegram का आधिकारिक App Store पेज उपलब्ध नहीं है। कुछ समय तक स्थिति अस्पष्ट बनी रही क्योंकि Apple और Telegram की ओर से तत्काल कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया था। बाद में दोनों पक्षों की ओर से स्थिति स्पष्ट हुई।
Apple ने क्यों हटाया ऐप?
Apple के अनुसार, नियमित समीक्षा के दौरान Telegram पर ऐसा कंटेंट मिला जो उसकी App Store गाइडलाइंस का उल्लंघन करता था। कंपनी की नीतियां विशेष रूप से बाल यौन शोषण से संबंधित किसी भी सामग्री के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) अपनाती हैं। Apple ने बताया कि जैसे ही यह सामग्री सामने आई, Telegram को अस्थायी रूप से App Store से हटा दिया गया ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। कंपनी के अनुसार, Telegram ने संबंधित कंटेंट तुरंत हटा दिया और उस सामग्री को पोस्ट करने वाले यूज़र को प्लेटफॉर्म से बैन कर दिया। इसके बाद ऐप को फिर से उपलब्ध करा दिया गया।
Telegram ने क्या कहा?
Telegram ने इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा कि “हमारे खत्म होने की खबरें बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई हैं।” इस संदेश के जरिए कंपनी ने संकेत दिया कि ऐप सामान्य रूप से वापस उपलब्ध हो गया है और यूजर्स चिंता न करें। हालांकि Telegram ने कंटेंट हटाने की प्रक्रिया या तकनीकी विवरण पर अलग से विस्तृत टिप्पणी नहीं की।
पहले से इंस्टॉल ऐप पर क्या असर पड़ा?
इस पूरी घटना के दौरान जिन iPhone यूजर्स के फोन में Telegram पहले से इंस्टॉल था, उनके लिए ऐप सामान्य रूप से काम करता रहा। वे मैसेज भेजते रहे, कॉल कर सके और चैनलों का उपयोग भी करते रहे। समस्या मुख्य रूप से नए डाउनलोड और App Store से इंस्टॉलेशन तक सीमित रही। ऐप बहाल होने के बाद डाउनलोड और अपडेट की सुविधा भी सामान्य हो गई।
Android और Web यूजर्स पर असर नहीं
Apple App Store पर हुई इस अस्थायी कार्रवाई का असर Android यूजर्स पर नहीं पड़ा। Google Play Store पर Telegram सामान्य रूप से उपलब्ध रहा। इसी तरह Telegram का Web Version और Desktop Client भी बिना किसी रुकावट के काम करता रहा। इस वजह से Android और Desktop उपयोगकर्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
पहले भी विवादों में रहा है Telegram
Telegram पिछले कुछ वर्षों में कई बार कंटेंट मॉडरेशन को लेकर चर्चा में रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म अपनी प्राइवेसी और एन्क्रिप्शन सुविधाओं के कारण लोकप्रिय है, लेकिन इसी वजह से अवैध गतिविधियों और आपत्तिजनक कंटेंट को नियंत्रित करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। Apple और Google दोनों समय-समय पर अपने ऐप स्टोर पर उपलब्ध ऐप्स की समीक्षा करते रहते हैं और यदि कोई ऐप उनकी नीतियों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
App Store की सख्त नीतियां
Apple लंबे समय से यह स्पष्ट करता आया है कि App Store पर उपलब्ध सभी ऐप्स को उसकी सुरक्षा और कंटेंट संबंधी गाइडलाइंस का पालन करना होगा। यदि किसी ऐप पर गंभीर नीति उल्लंघन पाया जाता है, तो कंपनी पहले डेवलपर से स्पष्टीकरण मांगती है और आवश्यकता पड़ने पर ऐप को अस्थायी रूप से हटा भी सकती है। Telegram के मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई और आवश्यक कार्रवाई के बाद ऐप को दोबारा बहाल कर दिया गया।
यूजर्स की प्रतिक्रिया
Telegram के अचानक गायब होने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स के बीच भ्रम की स्थिति बन गई थी। कई लोगों ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताया, जबकि कुछ ने इसे Apple की नीति से जोड़कर देखा। ऐप की वापसी के बाद अधिकांश यूजर्स ने राहत की सांस ली और चर्चा का केंद्र यह बन गया कि बड़ी टेक कंपनियां कंटेंट मॉडरेशन को लेकर कितनी तेजी से कार्रवाई करती हैं।
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