KC Venugopal News: चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपना हमला तेज कर दिया है। बता दें कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक के बाद पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े हालिया विवाद को देखते हुए प्रधानमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। यह कांग्रेस का राजनीतिक रुख है, जिसे पार्टी ने CWC की बैठक के बाद सामने रखा है। ऐसे में आइए यहां जानें पूरा मामला
CWC बैठक के बाद कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक 29 सितंबर को हुई। बैठक में चुनाव आयोग, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) और मतदाता सूची (Voter List) में बदलाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। जिसमें कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं।
केसी वेणुगोपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि CWC का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पद पर बने नहीं रहना चाहिए। उन्होंने इसे कांग्रेस का राजनीतिक रुख बताया। कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी सवाल उठाए गए हैं।
वहीं, कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव और SIR को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी ने इन मामलों की पारदर्शी जांच और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई है।
चुनाव आयोग के अंदरूनी मतभेद का भी जिक्र
केसी वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग के अंदर कथित मतभेदों का मुद्दा भी उठाया। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्तियां जताई थीं। एक याचिका में भी आरोप लगाया गया है कि कुछ फैसले दोनों चुनाव आयुक्तों की जानकारी या सिफारिश के बिना लिए गए। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है। हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि संस्थान के भीतर अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग ने अपने आदेशों को कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप बताया है।

राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ आरोपों का भी जिक्र
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने राहुल गांधी की ओर से चुनाव प्रक्रिया और वोटर लिस्ट को लेकर उठाए जा रहे सवालों का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले कई महीनों से मतदाता सूची, EVM और चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि चुनावी व्यवस्था में कथित अनियमितताओं से सत्तारूढ़ बीजेपी को फायदा पहुंच सकता है। हालांकि, बीजेपी और चुनाव आयोग इन आरोपों को स्वीकार नहीं करते। बीजेपी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को कमजोर करने का आरोप लगाया है। इस विवाद के बीच चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े सॉफ्टवेयर की समीक्षा शुरू करने की बात भी कही है। इसके लिए एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी और स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञ को शामिल करने की जानकारी सामने आई है।
देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तैयारी
CWC बैठक के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर देशभर में आंदोलन करने की बात कही है। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेगी।
कांग्रेस इस अभियान में दूसरे विपक्षी दलों को भी साथ लेने की कोशिश कर रही है। पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष को मिलकर आवाज उठानी चाहिए।
30 सितंबर को INDIA गठबंधन की बैठक
चुनाव आयोग विवाद को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन की बैठक 30 सितंबर को प्रस्तावित है। इस बैठक में विपक्षी दल चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं। हालांकि, गठबंधन के सभी दलों की स्थिति एक जैसी नहीं है। उदाहरण के लिए, DMK ने 30 सितंबर की बैठक में शामिल नहीं होने की घोषणा की है। ऐसे में विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर आगे की संयुक्त रणनीति बैठक में चर्चा का विषय हो सकती है।
ऐसे में फिलहाल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस जहां इसे चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बता रही है, वहीं बीजेपी और चुनाव आयोग कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर रहे हैं। इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई और 30 सितंबर की विपक्षी बैठक पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।
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