CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) के फ़ाउंडर अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें तीन दिन की जगह तीन महीने के लिए जेल में डाल दे, लेकिन उनका आंदोलन नहीं रुकेगा।
वहीं, सीजेपी ने 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रदर्शन का ऐलान किया है। जिसमें पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बाद संगठन की ओर से जेल भरो आंदोलन (Jail Bharo Andolan) की चेतावनी भी दी गई है।
2 अक्टूबर को मुंबई में प्रदर्शन की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी यानी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से पहले ही कहा गया था कि यह आंदोलन आगे दूसरे राज्यों तक भी ले जाया जाएगा। हालांकि, मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बाद अभिजीत दिपके ने कहा कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद संगठन अपने विरोध से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने जेल भरो आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
‘तीन दिन नहीं, तीन महीने जेल में डालो’
मुंबई प्रेस क्लब में बातचीत के दौरान अभिजीत दिपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें प्रदर्शन करने पर तीन दिन तक जमानत नहीं मिलने की बात कही गई थी।
इसके जवाब में दिपके ने कहा कि अगर सरकार उन्हें तीन दिन नहीं, बल्कि तीन महीने के लिए जेल में रखना चाहती है तो भी वह इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जेल भेजे जाने के बावजूद प्रदर्शन जारी रहेगा। साथ ही, दिपके ने यह भी कहा, “तीन दिन नहीं, तीन महीने जेल में डालो, लेकिन प्रोटेस्ट होकर रहेगा।”

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
CJP की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से जुड़ी है। अभिजीत दिपके ने उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग भी दोहराई है।
इसके साथ ही संगठन ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में ज्यादा पारदर्शिता और नागरिक समाज की भागीदारी की मांग रखी है। CJP का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों में लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए पारदर्शिता जरूरी है।
13 करोड़ वोट हटाने का मुद्दा
मतदाता सूची में बदलाव को लेकर भी CJP की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। दिपके ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान प्रारूप मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं और सवाल उठाया कि इतने बड़े स्तर पर बदलाव के बीच निष्पक्ष चुनाव कैसे सुनिश्चित होगा।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 13 करोड़ नाम हटने का आंकड़ा SIR की प्रारूप मतदाता सूचियों में हुई कमी से जुड़ा है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों और संगठनों ने अलग-अलग सवाल उठाए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, SIR के दौरान 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों में 13 करोड़ से अधिक नाम कम हुए थे। इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है, जिसमें SIR के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों की जांच की मांग की गई है। हालांकि, ये आरोप और मांगें न्यायिक रूप से अंतिम रूप से साबित तथ्य नहीं हैं।
देश के कई राज्यों में आंदोलन की तैयारी
अभिजीत दिपके ने कहा है कि अगर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को मुंबई तक सीमित नहीं रखा जाएगा। CJP की ओर से गोवा, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों में प्रदर्शन की बात कही गई है।
संगठन ने यह भी कहा है कि अगर CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो अक्टूबर के अंत से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया जा सकता है। इससे पहले CJP ने 48 घंटे का अल्टीमेटम देकर भी इस्तीफे की मांग की थी।
‘महाराष्ट्र से शुरू हुआ मुद्दा देशभर में पहुंचा’
अभिजीत दिपके ने महाराष्ट्र में चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि यह मुद्दा अब देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच चुका है। उन्होंने लोगों से चुनाव और लोकतंत्र से जुड़े सवालों पर अपनी आवाज उठाने की अपील की।
वहीं, चुनाव आयोग से जुड़े SIR विवाद में आयोग की निर्णय प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सार्वजनिक बहस जारी है। इस मामले में अलग-अलग राजनीतिक दलों, संगठनों और नागरिक समूहों की अलग-अलग राय सामने आई है।
क्या है CJP का अगला प्लान?
ऐसे में CJP की नजर 2 अक्टूबर के मुंबई प्रदर्शन पर है। शिवाजी पार्क में अनुमति नहीं मिलने के बाद संगठन ने जेल भरो आंदोलन का संकेत दिया है। इसके बाद दूसरे राज्यों में प्रदर्शन और अक्टूबर के अंत से जंतर-मंतर पर आंदोलन की योजना बताई गई है।
अभिजीत दिपके का कहना है कि दबाव या गिरफ्तारी से उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है। अब देखना होगा कि 2 अक्टूबर को मुंबई में CJP का प्रदर्शन किस रूप में होता है और इसके बाद संगठन अपने देशव्यापी आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ाता है।



