वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के कैंपस में आधी रात फायरिंग की घटना से हड़कंप मच गया. आरोप है कि रुईया छात्रावास के एक छात्र ने बिरला-ए छात्रावास के एक छात्र पर गोली चलाई.घटना के बाद कैंपस में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी और कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बिरला-ए हॉस्टल के बाहर चार राउंड फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है. मौके से खाली कारतूस बरामद हुए हैं. गनीमत रही कि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है. हालांकि, घटना ने कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
क्या है पूरा मामला? आधी रात गोलियों से दहशत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देर रात बिरला-ए छात्रावास के बाहर अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी. छात्र घबराकर कमरों से बाहर निकले और कुछ ने तुरंत प्रॉक्टोरियल बोर्ड व पुलिस को सूचना दी. कुछ ही देर में मौके पर सुरक्षाकर्मी और पुलिस पहुंच गई. प्रॉक्टोरियल टीम ने मौके की घेराबंदी की और चार खोखे बरामद किए. इससे यह साफ है कि फायरिंग हुई है. पुलिस का कहना है कि घटना के वक्त हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए.
पुराने विवाद से जुड़ा मामला? छात्रों में तनाव
छात्रों का आरोप है कि कुछ दिन पहले रुईया और बिरला हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट हुई थी. उसी विवाद की कड़ी में यह फायरिंग हुई हो सकती है. पुलिस भी इस एंगल से जांच कर रही है कि क्या यह घटना आपसी रंजिश या पुराने झगड़े का नतीजा है.
एक छात्र ने बताया, “पहले भी दोनों हॉस्टलों के छात्रों में कहासुनी और हाथापाई हुई थी. प्रशासन ने सख्ती नहीं की, अब बात गोली तक पहुंच गई.”
बिरला-ए हॉस्टल के छात्र धरने पर
घटना के बाद बिरला-ए छात्रावास के छात्र धरने पर बैठ गए. उनकी मांग है कि दोषी छात्र की तुरंत गिरफ्तारी हो, कैंपस में हथियारों की एंट्री पर सख्त कार्रवाई हो, और हॉस्टल के आसपास सुरक्षा बढ़ाई जाए. वहीं, छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है और इससे उनकी सुरक्षा पर सीधा खतरा पैदा होता है.
पुलिस की कार्रवाई, CCTV खंगाले जा रहे, हर एंगल से जांच
पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है. कैंपस के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. संदिग्धों की पहचान के लिए हॉस्टल रजिस्टर और प्रवेश-निकास रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. हथियार की बरामदगी और स्रोत का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “यह गंभीर मामला है. हम इसे आपसी रंजिश, बाहरी बदमाशों की एंट्री और अवैध हथियार हर एंगल से देख रहे हैं.दोषियों को जल्द पकड़ा जाएगा.”
प्रॉक्टोरियल बोर्ड की भूमिका पर सवाल
घटना के बाद BHU के प्रॉक्टोरियल बोर्ड की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं.छात्रों का आरोप है कि पहले हुए झगड़े को गंभीरता से नहीं लिया गया, हॉस्टल के आसपास नाइट पेट्रोलिंग पर्याप्त नहीं थी, और संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई. विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था की आंतरिक समीक्षा की जाएगी और जहां कमी होगी, वहां तुरंत सुधार किया जाएगा.
BHU में पहले भी हो चुकी हैं हिंसक घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब BHU कैंपस में हिंसा की घटना सामने आई हो. पिछले कुछ वर्षों में छात्र गुटों के बीच झड़पें, हॉस्टल विवाद,और बाहरी तत्वों की एंट्री जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े कैंपस में 24×7 निगरानी, हॉस्टल प्रवेश पर सख्ती,और नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाना जरूरी है.
कैंपस में हथियार कैसे पहुंचे? सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यूनिवर्सिटी कैंपस के भीतर हथियार कैसे पहुंचा? क्या यह बाहरी बदमाशों की मदद से हुआ? या किसी छात्र के पास पहले से अवैध हथियार था? पुलिस इन बिंदुओं पर जांच कर रही है.अगर यह साबित होता है कि हथियार कैंपस के भीतर लाया गया, तो सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़ी चूक मानी जाएगी.
छात्रों और अभिभावकों में डर का माहौल
घटना के बाद छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता है.कई अभिभावकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने, हॉस्टल के बाहर पुलिस पिकेट लगाने,और छात्रों के बीच काउंसलिंग कराने की मांग की है.
वहीं,एक छात्रा ने कहा, “हम पढ़ाई के लिए यहां आते हैं.अगर कैंपस में ही सुरक्षित नहीं हैं, तो यह बहुत डराने वाली बात है.”
विश्वविद्यालय प्रशासन का आधिकारिक बयान
घटना के बाद BHU प्रशासन की ओर से भी आधिकारिक बयान जारी किया गया है. विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामला बेहद गंभीर है और कैंपस की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पुलिस जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ विश्वविद्यालय स्तर पर भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
अधिकारी ने कहा,“हम छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. घटना की पूरी जांच कराई जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा.”
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