BJP Government: दिल्ली में बीजेपी सरकार के एक साल पूरे होने पर आज राजधानी में जश्न का माहौल है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने इस मौके को खास बनाने के लिए 12 दिनों का मेगा प्लान तैयार किया है. 8 फरवरी से 20 फरवरी तक चलने वाले इन कार्यक्रमों के जरिए दिल्ली सरकार जनता को बताएगी कि बीते एक साल में उसने क्या-क्या काम किए हैं और आगे की योजनाएं क्या हैं. आज राजधानी को 500 इलेक्ट्रिक बसों (ई-बस) की बड़ी सौगात भी मिलने जा रही है. सरकार का कहना है कि इससे दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलेगी और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी. शहरभर में अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम, प्रदर्शनी और जनसंवाद आयोजित किए जाएंगे.
रामलीला मैदान में होगा बड़ा कार्यक्रम
रविवार को रामलीला मैदान में एक बड़ा आयोजन किया जाएगा. इस कार्यक्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मौजूद रहेंगे और 500 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे. ये बसें औपचारिक रूप से दिल्लीवासियों को समर्पित की जाएंगी. सरकार के मुताबिक, इन बसों के शामिल होने से राजधानी के कई रूट्स पर परिवहन सुविधा बेहतर होगी. खासकर उन इलाकों में जहां बसों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी, वहां राहत मिलने की उम्मीद है.
दिल्ली लंबे समय से वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है. ऐसे में 500 ई-बसों की शुरुआत को सरकार पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है.
इलेक्ट्रिक बसें डीजल बसों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाती हैं और शोर भी कम करती हैं.परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन बसों के आने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का दायरा बढ़ेगा और लोग निजी वाहनों के बजाय बसों का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित होंगे.इससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों में कमी आने की उम्मीद है.
12 दिनों का मेगा प्लान: हर विभाग दिखाएगा अपना काम
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि 8 फरवरी से 20 फरवरी तक रोजाना अलग-अलग विभाग अपने कामकाज और उपलब्धियों को जनता के सामने रखेंगे. किसी दिन स्वास्थ्य विभाग अपनी योजनाओं और अस्पतालों में किए गए सुधारों की जानकारी देगा. तो,किसी दिन शिक्षा विभाग स्कूलों और कॉलेजों में हुए बदलावों को बताएगा. शहरी विकास, परिवहन, बिजली-पानी, महिला एवं बाल विकास जैसे विभाग भी अपनी रिपोर्ट जनता के सामने रखेंगे.
सरकार का मकसद है कि लोग जान सकें कि टैक्स और सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल किस तरह से किया गया है.
क्या है जनता की राय ?
दिल्ली के कई इलाकों में रहने वाले लोगों से बात करने पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं. कुछ लोग सरकार के काम से संतुष्ट नजर आए, तो कुछ ने कहा कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है. वहीं, एक ऑटो चालक ने कहा, “अगर बसों की संख्या बढ़ेगी तो ट्रैफिक और प्रदूषण कम होगा.यह अच्छा कदम है.” वहीं एक कॉलेज छात्र ने कहा, “सरकार को रोजगार के मौके बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए.”
सुरक्षा और ट्रैफिक के इंतजाम
शहरभर में कार्यक्रमों को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. रामलीला मैदान के आसपास ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो. दिल्ली पुलिस का कहना है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.
आगे की योजनाएं: अगले साल का रोडमैप
सरकार का कहना है कि आने वाले साल में परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर ज्यादा फोकस किया जाएगा.ई-बसों के अलावा मेट्रो नेटवर्क को मजबूत करने और साइकिल ट्रैक जैसी योजनाओं पर भी काम करने की योजना है.
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा है कि सरकार जनता से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर नीतियों में सुधार करेगी और 12 दिनों के कार्यक्रमों में जनता से सुझाव भी लिए जाएंगे.
विपक्ष की प्रतिक्रिया: सवालों के घेरे में सरकार
बीजेपी सरकार के जश्न पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि सरकार जश्न मनाने से पहले जनता को यह बताए कि महंगाई, बेरोजगारी और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर क्या ठोस काम किया गया है.
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि कुछ योजनाएं कागजों पर तो अच्छी दिखती हैं, लेकिन जमीन पर उनका असर कम नजर आता है. विपक्ष ने 12 दिनों के कार्यक्रमों को “प्रचार अभियान” बताया है. वहीं सरकार का कहना है कि जनता के सामने काम रखना गलत नहीं है.
बीजेपी सरकार के एक साल पूरे होने का जश्न राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है. सरकार अपनी उपलब्धियों को जनता के सामने रखकर अपनी छवि मजबूत करना चाहती है. वहीं विपक्ष इन कार्यक्रमों के जरिए सरकार को घेरने की तैयारी में है. वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आयोजन आगामी चुनावी माहौल को भी प्रभावित कर सकते हैं.



