Education Ministry Survey: देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर किए गए सर्वें से हाल ही में शिक्षा मंत्रालय की ओर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, 6वीं कक्षा तक पढ़ने वाले करीब 47% छात्र ऐसे हैं, जिन्हें 10 तक का पहाड़ा नहीं आता है।
यह जानकारी भारत में शिक्षा की बुनियाद पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
[expander_maker id=”1″ more=”Read more” less=”Read less”]
बता दें कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS) के तहत किए गए इस सर्वे में सरकारी और प्राइवेट दोनों स्कूलों के छात्रों को शामिल किया गया, जिसका उद्देश्य यह पता लगाना था कि बच्चे अपनी कक्षा के अनुसार गणित और भाषा कौशल में कितने सक्षम है।

ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की स्थिति बेहद खराब
सर्वे के अनुसार, अधिकतर बच्चे गणित में बेहद कमजोर पाए गए, जिनमें कुछ बच्चे ऐसे थे कि उन्हें जोड़, घटाव, गुणा और भाग तक नहीं आते हैं।
खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में यह स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां आध्याप से लेकर शिक्षा से जुड़े अन्य संसाधनों की कमी और शिक्षकों की अनुपलब्धता मुख्य कारण बताए जा रहे हैं।

नई शिक्षा नीति के तहत लागू होगा मिशन
- शिक्षा के क्षेत्र में इस खामी को जल्द से जल्द दूर किया जाएगा।
- नई शिक्षा नीति (Nai Shiksha Niti) के तहत ‘फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमैरेसी’ मिशन (Foundational Literacy and Numeracy Mission) को लागू किया जाएगा।
- वहीं, सरकार का कहना है कि शिक्षा की स्थिति में सुधार प्राथमिक स्तर की जाएगी।
- इसके लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण, डिजिटल तकनीक और माता-पिता की भागीदारी बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा।
[/expander_maker]



