Eid ul-Adha 2026: देशभर में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया जा रहा है. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए समाज में प्रेम, सद्भाव और खुशहाली की कामना की. वहीं राष्ट्रपति Droupadi Murmu सहित कई बड़े नेताओं ने भी मुस्लिम समुदाय और देशवासियों को ईद की मुबारकबाद दी. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,
“ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएं, कामना है कि यह अवसर हमारे समाज में भाईचारे और खुशियों की भावना को और गहरा करे. सभी की सफलता और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना.”
पीएम मोदी के इस संदेश को सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने साझा किया और इसे देश में सामाजिक एकता और सौहार्द का प्रतीक बताया.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिया मानवता का संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी ईद-उल-अजहा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व त्याग, समर्पण और बलिदान का प्रतीक है. राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि यह त्योहार लोगों को मानवता की सेवा करने और जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रेरित करता है. उन्होंने कहा कि समाज में प्रेम, समरसता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए सभी को आगे आना चाहिए. राष्ट्रपति ने विशेष रूप से वंचित वर्गों की सहायता और सामाजिक एकता पर जोर दिया.
राहुल गांधी ने भी दी शुभकामनाएं
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने भी मुस्लिम समुदाय को बकरीद की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा कि यह पर्व लोगों के जीवन में प्रेम, खुशी और एकता लेकर आए. राहुल गांधी ने कहा,
“आपको और आपके परिवार को खुशियों से भरी बकरीद की शुभकामनाएं। आपका घर प्यार और भाईचारे से भरा रहे.”
केरल के मुख्यमंत्री का भावुक संदेश
केरल के मुख्यमंत्री V. D. Satheesan ने बकरीद को त्याग और निस्वार्थ भक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह त्योहार समाज को करुणा और मानवता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. उन्होंने कहा कि त्योहारों की आध्यात्मिक रोशनी लोगों को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति देती है.
क्या है ईद-उल-अजहा का महत्व?
ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म का बेहद पवित्र पर्व माना जाता है. इसे बकरीद या ईद-उल-जुहा भी कहा जाता है. यह त्योहार हजरत इब्राहिम की अल्लाह के प्रति आस्था और बलिदान की याद में मनाया जाता है. इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, हजरत इब्राहिम ने अल्लाह के आदेश पर अपने बेटे की कुर्बानी देने का निर्णय लिया था. उनकी निष्ठा और समर्पण से प्रसन्न होकर अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक जानवर की कुर्बानी स्वीकार कर ली। तभी से कुर्बानी की परंपरा शुरू हुई. यह पर्व त्याग, सेवा, दया और इंसानियत का संदेश देता है.
देशभर में मस्जिदों में अदा हुई नमाज
बकरीद के मौके पर देशभर की मस्जिदों और ईदगाहों में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की. दिल्ली, लखनऊ, भोपाल, हैदराबाद, मुंबई, कोलकाता और श्रीनगर समेत कई शहरों में सुबह से ही नमाजियों की भीड़ देखने को मिली. नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। कई जगहों पर सामूहिक दुआएं भी की गईं.

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
बकरीद के अवसर पर कई राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. उत्तर प्रदेश में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है. Uttar Pradesh में संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. वहीं Maharashtra, Bihar और West Bengal में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है. कई शहरों में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी निकाला और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.
बाजारों में दिखी रौनक
बकरीद से पहले देशभर के बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली. कपड़े, मिठाइयां, सेवइयां और अन्य खाद्य सामग्री की दुकानों पर लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं. दिल्ली, लखनऊ और हैदराबाद जैसे शहरों में देर रात तक बाजार खुले रहे. बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर खास उत्साह नजर आया.
कुर्बानी और दान का महत्व
बकरीद सिर्फ कुर्बानी का त्योहार नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मदद और समाज में बराबरी का संदेश देने वाला पर्व भी है. इस दिन लोग कुर्बानी का मांस गरीबों और जरूरतमंदों में बांटते हैं. इस्लाम में इसे सामाजिक समानता और मानवता की भावना से जोड़कर देखा जाता है. धार्मिक विद्वानों के अनुसार, बकरीद का असली संदेश अपने भीतर के अहंकार, लालच और बुराइयों का त्याग करना है.
सोशल मीडिया पर छाए ईद संदेश
ईद-उल-अजहा के अवसर पर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं. #EidMubarak और #Bakrid2026 जैसे हैशटैग ट्रेंड करते रहे. राजनीतिक नेताओं, फिल्मी सितारों और खेल जगत की हस्तियों ने भी सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों को बधाई संदेश भेजे.
धार्मिक सद्भाव की मिसाल
देश के कई हिस्सों में अलग-अलग समुदायों के लोगों ने मिलकर त्योहार मनाया. कई स्थानों पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर शुभकामनाएं दीं.
वहीं , प्रशासन ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने और अफवाहों से बचने की अपील की है. सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. साथ ही लोगों से ट्रैफिक नियमों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है.
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