Ghaziabad Triple Suicide: गाज़ियाबाद के भारत सिटी में तीन सगी बहनों ने एक साथ नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। जांच के मुताबिक, बताया जा रहा है कि इन बच्चियों के घर में काफी सख्त पाबंदियां थीं। जिसमें मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी, अपनी पसंदीदा विदेशी संस्कृति से अलग होने के कारण मानसिक रूप से बेहद परेशान थीं। साथ ही, जांच के दौरान एक डायरी मिली है, जिसे अब मामले की अहम कड़ी माना जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, पिता चेतन कुमार पर शेयर ट्रेडिंग में भारी कर्ज था। इस आर्थिक तंगी के कारण से पिता ने करीब 15 दिन पहले ही बच्चियों के मोबाइल फोन बेच दिए थे और कुछ दिनों पहले उनके सोशल मीडिया अकाउंट भी बंद कर दिए थे। जिसके बाद तीनों बहनें गहरे सदमे में थीं।
डायरी में लिखी भावनाएं
दरअसल, डायरी में बच्चियों ने अपने दिल की बातें लिखी थीं। जिसमें उन्होंने कोरियन संस्कृति, के-पॉप और विदेशी शो के प्रति गहरा लगाव जताया था। साथ ही, डायरी में पिता से नाराजगी भी झलकती है। बच्चियों ने लिखा कि उनकी पसंद की चीजों से दूर किया जाना उन्हें असहनीय लग रहा था।
भारतीय पहचान और शादी को लेकर डर
बताया जा रहा है कि, डायरी के कुछ पन्नों में बच्चियों की सोच को लेकर चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति और बॉलीवुड के प्रति नापसंदगी जताई थी और भविष्य में भारतीय युवक से शादी के नाम पर डर लिखने की बात सामने आई है। साथ ही परिवार के छोटे बच्चे को लेकर भी उनकी अलग सोच का जिक्र किया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि हर पहलू की सावधानी से जांच की जा रही है।

डिजिटल एडिक्शन की आशंका
जांच अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में डिजिटल एडिक्शन भी एक बड़ा कारण हो सकता है। बच्चियों के पुराने मोबाइल फोन को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही, डायरी में विदेशी ड्रामा, के-पॉप म्यूजिक, कार्टून और कई हॉरर व ऑनलाइन गेम्स का जिक्र मिला है। इससे संकेत मिलता है कि वे लंबे समय तक डिजिटल कंटेंट से जुड़ी रहती थीं और अचानक दूरी बनने से मानसिक तनाव बढ़ गया होगा।
पसंदीदा चीजों की लंबी सूची
डायरी में बच्चियों ने अपनी करीब 19 पसंदीदा चीजों के बारे में लिखा था। इसमें कोरियन, चाइनीज, थाई और जापानी एक्टर्स, गाने और फिल्में शामिल थीं। इसके अलावा हॉलीवुड कंटेंट, इंग्लिश गाने, मशहूर कार्टून कैरेक्टर, डिज्नी प्रिंसेस और कई ऑनलाइन गेम्स का भी जिक्र किया गया है। उन्होंने लिखा कि ये चीजें उन्हें दिल से भी ज्यादा प्रिय थीं और खास तौर पर के-पॉप उनके जीवन का सबसे अहम हिस्सा था।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस अब उन लोगों से भी पूछताछ कर रही है जो परिवार के संपर्क में थे। साथ ही, बेचे गए मोबाइल फोन को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है, ताकि डिजिटल की पूरी जानकारी मिल सके। पुलिस का कहना है कि यह मामला बेहद चिंता का है और हर पहलू में मानसिक स्थिति, पारिवारिक माहौल, आर्थिक दबाव और डिजिटल प्रभाव को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना बच्चों और किशोरों की मानसिक सेहत को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि, अचानक डिजिटल प्रतिबंध, संवाद की कमी और भावनात्मक तनाव बच्चों पर गहरा असर डाल सकते हैं। ऐसे मामलों में परिवार, स्कूल और समाज को मिलकर बच्चों की भावनाओं को समझना और समय पर मदद देना बेहद जरूरी है।
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