Gold-Silver Crash: बजट 2026 के दिन सोना और चांदी की कीमतों में आज बड़ी गिरावट देखने को मिली है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों में मेटल मार्केट में क्रैश का सिलसिला लगातार जारी है। वहीं, बीते गुरुवार तक चांदी ने इतिहास रचते हुए 1 किलो का भाव 4,20,048 रुपये तक छू लिया था। यह चांदी का अब तक का सबसे ऊँचा भाव था। लेकिन अगले ही कारोबारी दिन अचानक बाजार पलटा और चांदी 2,91,922 रुपये प्रति किलो पर आ गई। बता दें कि, सिर्फ तीन दिनों में चांदी 2,65,652 रुपये प्रति किलो तक गिर गई। वहीं, इस हिसाब से देखा जाए तो चांदी के भाव में गिरावट 1,54,396 रुपये प्रति किलो रही है। यह निवेशकों और सोने-चांदी के खरीदारों के लिए एक बड़ा झटका है। वहीं, सोने की कीमतों में भी भारी गिरावट का असर देखने को मिल है। वहीं, बीते गुरुवार को सोने का भाव 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा था, लेकिन तीन दिनों के अंदर Gold Rate 1,38,634 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस हिसाब से सोने की कीमत में कुल गिरावट 54,462 रुपये रही। बजट के दिन भी इस गिरावट का असर जारी रहा।
बजट के दिन खुलते ही मेटल मार्केट में गिरावट
बजट पेश होने के बाद ही चांदी का भाव 27,000 रुपये गिरकर खुले। सोने की कीमत में भी लगभग 9% की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई और कई लोग मुनाफा कम करने के लिए अपने शेयर और ईटीएफ बेचने लगे।
गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में भी भारी गिरावट
केवल फिजिकल मेटल ही नहीं, बल्कि गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में भी जोरदार गिरावट आई है। निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ और निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ दोनों में लोअर सर्किट (Lower Circuit) लगा। इसके चलते निवेशकों की चिंताएं बढ़ गईं।वहीं, विशेषज्ञों के मुताबिक ,बजट और वैश्विक बाजार की स्थितियों के चलते मेटल मार्केट में अचानक उतार-चढ़ाव आ रहा है। साथ ही, जब बाजार में निवेशकों की धारणा कमजोर होती है तो ईटीएफ और मेटल स्टॉक्स पर भी इसका असर सीधे पड़ता है।
मेटल कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट
सिर्फ सोना और चांदी ही नहीं, बल्कि मेटल सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में भी भारी गिरावट आई है। वेदांता के शेयरों में 10% तक की गिरावट दर्ज की गई। हिंदुस्तान जिंक के शेयर 10% नीचे गए। हिंदुस्तान कॉपर के शेयर 18% से अधिक टूट गए। इसके अलावा हिंदुस्तान एल्युमिनियम में 5% और हिंडाल्को के शेयरों में 7% की गिरावट आई।वहीं, विशेषज्ञों का कहना कि, यह गिरावट बजट के दिन निवेशकों की चिंता और वैश्विक मेटल मार्केट में अस्थिरता की वजह से हुई है।

निवेशकों के लिए सुझाव
- निवेशक तुरंत घबराएं नहीं। मेटल मार्केट में उतार-चढ़ाव आम बात है।
- लंबे समय के लिए सोना-चांदी में निवेश करना सुरक्षित माना जाता है।
- अगर निवेशक शॉर्ट-टर्म लाभ की सोचकर खरीद-फरोख्त कर रहे हैं तो बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखें।
- गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में निवेश करने से पहले विशेषज्ञों से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
यहां जानें विशेषज्ञों की राय
मेटल मार्केट विशेषज्ञ अजय वर्मा का कहना है कि, सोना और चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट का कारण बजट के दिन निवेशकों की बेचैनी और वैश्विक बाजार में ध्वनि जोखिम है। बता दें कि, मार्केट फिलहाल अस्थिर है। निवेशक अभी शॉर्ट-टर्म उतार-चढ़ाव को नजरअंदाज करके लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान दें।
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