Gold Silver Rate Today: आज के समय में सोना और चांदी केवल आभूषण ही नहीं है, बल्कि निवेश का एक अहम जरिया भी बन चुके हैं।जिसमें वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता का सीधा असर इनकी कीमतों पर देखने को मिलता है। अब ऐसे में हर दिन बदलते सोने-चांदी के भाव निवेशकों और आम लोगों दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि इसी बीच आज बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिसने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
सोना-चांदी के दाम में गिरावट
आज घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जिसमें निवेशकों के बदलते रुख और वैश्विक परिस्थितियों के चलते कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला है। बता दें कि MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर चांदी का भाव लगभग 1.5% गिरकर ₹2,44,342 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है, वहीं सोने की कीमत भी करीब 0.8% की गिरावट के साथ ₹1,51,712 प्रति 10 ग्राम पर दर्ज की गई है। दरअसल,यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में दिखी मजबूती
अब जहां एक तरफ घरेलू बाजार में गिरावट देखने को मिली है, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ी राहत देखने को मिली है। साथ ही,स्पॉट सिल्वर की कीमत 1.5% बढ़कर 76.52 डॉलर प्रति औंस हो गई है। वहीं स्पॉट गोल्ड भी 0.8% की तेजी के साथ 4,856 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।इससे साफ संकेत मिलता है कि वैश्विक स्तर पर अभी भी सोने-चांदी की मांग बनी हुई है, हालांकि घरेलू बाजार में दबाव अलग कारणों से बना हुआ है।
कीमतों में गिरावट के कारण
सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं, जिनका असर सीधे निवेशकों की रणनीति पर पड़ रहा है।
फेडरल रिजर्व का सख्त रुख
अमेरिका के केंद्रीय बैंक Federal Reserve ने हाल ही में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
फेड चेयरमैन Jerome Powell का कहना है कि जब तक महंगाई पूरी तरह काबू में नहीं होती, तब तक ब्याज दरों में कटौती नहीं की जाएगी।
उच्च ब्याज दरें सोने-चांदी जैसे निवेश को कम आकर्षक बनाती हैं, क्योंकि इनमें ब्याज नहीं मिलता।

ब्याज दरों में कटौती की कम उम्मीद
दरअसल,इस साल केवल एक बार ही ब्याज दरों में कटौती की संभावना जताई गई है। इससे निवेशकों का रुझान इक्विटी और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहा है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने भी बाजार पर असर डाला है। जिसमें एक तरफ अनिश्चितता बढ़ी है, तो दूसरी तरफ सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग भी बनी हुई है। हालांकि अल्पकालिक दबाव के कारण कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
कच्चा तेल 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच चुका है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा है। महंगाई बढ़ने से केंद्रीय बैंक सख्त रुख अपनाते हैं, जिससे सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव पड़ता है।
डॉलर में कमजोरी
डॉलर में थोड़ी कमजोरी आई है, जिससे सोने-चांदी की कीमतों को कुछ सपोर्ट मिला है। दरअसल, आमतौर पर जब डॉलर कमजोर होता है, तो कीमती धातुओं की कीमतों में मजबूती आती है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में हल्की तेजी देखने को मिली।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
आज की स्थिति को देखते हुए बाजार में काफी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। जिसमें एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले समय में भी सोने-चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है।
शॉर्ट टर्म में क्या करें
- छोटे समय के निवेशक सतर्क रहें।
- कीमतों में गिरावट पर खरीदारी का मौका मिल सकता है।
- अचानक उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहें।
लॉन्ग टर्म निवेश के लिए
- सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता है।
- वैश्विक अनिश्चितता में इसकी मांग बढ़ती है।
- धीरे-धीरे निवेश (SIP या चरणबद्ध खरीदारी) बेहतर रणनीति हो सकती है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा
जानकारी के लिए बता दें कि अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो मौजूदा गिरावट आपके लिए अच्छा मौका हो सकती है। हालांकि, अगर आप शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग कर रहे हैं, तो बाजार की दिशा साफ होने का इंतजार करना बेहतर रहेगा।
अब आगे क्या रहेगा
बता दें कि आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतें इन प्रमुख फैक्टर्स पर निर्भर करेंगी।
- फेडरल रिजर्व की अगली नीति।
- वैश्विक महंगाई के आंकड़े।
- डॉलर की स्थिति।
- मिडिल ईस्ट में तनाव।
- कच्चे तेल की कीमतें।
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