IND vs PAK U19 World Cup: अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में आज का दिन बेहद खास है. भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जा रहा यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि सेमीफाइनल की रेस तय करने वाला बड़ा मुकाबला है. दोनों देशों के बीच क्रिकेट का रोमांच हमेशा अलग स्तर पर होता है और जब मंच वर्ल्ड कप जैसा हो, तो मुकाबला और भी ज्यादा रोमांचक हो जाता है. इस हाई-वोल्टेज मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है. यानी आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करेगी. भारत के लिए यह मैच दोहरी अहमियत रखता है, एक तरफ सेमीफाइनल की टिकट, दूसरी तरफ अंडर-19 एशिया कप फाइनल में मिली हार का बदला.
टॉस का फैसला और मैच की स्थिति
पाकिस्तान के कप्तान फरहान युसूफ ने टॉस जीतने के बाद बिना देर किए गेंदबाजी चुन ली. उनका मानना है कि शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है और भारत पर दबाव बनाया जा सकता है. वहीं, भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे की नजरें एक मजबूत स्कोर खड़ा करने पर होंगी, ताकि पाकिस्तान पर रन-चेज का दबाव डाला जा सके.
क्यों इतना अहम है सेमीफाइनल की रेस का यह मैच?
अंडर-19 वर्ल्ड कप में अब तक ऑस्ट्रेलिया,अफगानिस्तान और इंग्लैंड अपना सेमीफाइनल टिकट पक्का कर चुके हैं. अब सिर्फ एक स्थान बचा है, जिसके लिए भारत और पाकिस्तान आमने-सामने हैं. अगर भारत जीता तो भारत सुपर-6 ग्रुप-2 की पॉइंट्स टेबल में नंबर-1 पर पहुंच जाएगा. सेमीफाइनल में भारत और अफगानिस्तान के बीच मुकाबला होगा. वहीं, दूसरा सेमीफाइनल इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जाएगा.
वहीं,अगर भारत हार भी गया और अगर हार बड़े अंतर से नहीं होती है, तो भी भारत सेमीफाइनल में पहुंच सकता है. लेकिन तब सेमीफाइनल में भारत को ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम से भिड़ना होगा, यानी यह मैच जीतना भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद फायदेमंद है.
पाकिस्तान के लिए राह क्यों मुश्किल?
पाकिस्तान की सेमीफाइनल की उम्मीदें अभी जिंदा हैं, लेकिन रास्ता आसान बिल्कुल नहीं है. पाक टीम के लिए गणित साफ है, की भारत को 250 रन के अंदर रोकना होगा. इसके बाद 250 का लक्ष्य 25 ओवरों में हासिल करना होगा. यह शर्त अपने आप में बताती है, कि पाकिस्तान को न सिर्फ शानदार गेंदबाजी, बल्कि विस्फोटक बल्लेबाजी भी करनी होगी.
‘नो हैंडशेक’ एक बार फिर चर्चा में
इस मैच में एक बार फिर ‘नो हैंडशेक’ की परंपरा देखने को मिली. टॉस के दौरान भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने पाकिस्तानी कप्तान फरहान युसूफ से हाथ नहीं मिलाया. यह कोई नई बात नहीं है. इससे पहले अंडर-19 एशिया कप में भी दोनों कप्तानों के बीच हैंडशेक नहीं हुआ था. एशिया कप 2025 में सीनियर टीम के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी पाक कप्तान से हाथ नहीं मिलाया था.
दरअसल, यह फैसला पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में लिया गया था. उस एशिया कप में भारत-पाकिस्तान के बीच तीन मुकाबले हुए, लेकिन एक बार भी खिलाड़ियों ने मैच से पहले या बाद में हाथ नहीं मिलाया.
भारतीय टीम की ताकत
आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में संतुलित नजर आई है. टीम की मजबूती टॉप ऑर्डर में भरोसेमंद बल्लेबाज, मिडिल ऑर्डर में संयम और आक्रामकता का संयोग, तेज गेंदबाजी और स्पिन का अच्छा कॉम्बिनेशन है. भारत की कोशिश होगी कि शुरुआती विकेट न गंवाए जाएं और बड़े स्कोर की नींव रखी जाए.
पाकिस्तान की रणनीति
पाकिस्तान की नजरें शुरुआती झटकों पर होंगी.उनकी रणनीति नई गेंद से विकेट निकालना, भारत को दबाव में लाना और फील्डिंग में कोई गलती न करना है.
अगर पाकिस्तान शुरुआती 10 ओवरों में 2-3 विकेट निकाल लेता है, तो मैच का रुख बदल सकता है.
कप्तानों पर रहेंगी खास नजरें
इस मुकाबले में दोनों कप्तानों की रणनीति पर भी सभी की नजरें होंगी.सही समय पर गेंदबाज बदलना, फील्ड सेट करना और बल्लेबाजी क्रम तय करना मैच का रुख तय कर सकता है. वहीं कप्तान आयुष म्हात्रे और फरहान युसूफ के फैसले इस मैच में बेहद अहम साबित हो सकते हैं.
मौसम और पिच भी निभाएंगे अहम भूमिका
मैच में मौसम और पिच की स्थिति भी अहम रहने वाली है. अगर पिच पर शुरुआत में गेंदबाजों को मदद मिलती है, तो बल्लेबाजों को संभलकर खेलना होगा. वहीं जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, बल्लेबाजी आसान हो सकती है, जिससे बड़े स्कोर की उम्मीद भी की जा रही है.
भारत-पाक U19 मुकाबले का अलग ही रोमांच
भारत-पाकिस्तान मुकाबले सीनियर हों या अंडर-19, रोमांच हमेशा चरम पर रहता है. यह मुकाबला खिलाड़ियों के करियर का बड़ा मंच होता है, जो मानसिक मजबूती की असली परीक्षा लेता है. क्यूंकि, भविष्य के स्टार खिलाड़ी यहीं से निकलते हैं. यही वजह है कि इस मैच पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं.
फैंस में है जबरदस्त उत्साह
सोशल मीडिया पर #INDvsPAKU19 ट्रेंड कर रहा है. भारतीय फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि टीम एशिया कप की हार का बदला ले, सेमीफाइनल में बेहतर रास्ता चुने और पुरे आत्मविश्वास के साथ अगले चरण में पहुंचे.



