India UK FTA: भारत और ब्रिटेन के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement-FTA) बुधवार, 15 जुलाई 2026 से आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। इस ऐतिहासिक समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसके तहत भारत और ब्रिटेन दोनों ने कई उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) में बड़ी कटौती करने का फैसला किया है। इससे भारत में ब्रिटेन से आने वाली कई वस्तुएं भविष्य में सस्ती होंगी, जबकि भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी कीमत पर पहुंचने का मौका मिलेगा। यह समझौता भारत के सबसे व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौतों में से एक माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे व्यापार, निवेश, रोजगार और आर्थिक सहयोग को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
क्या है भारत-यूके FTA?
भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच यह व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (Comprehensive Economic and Trade Agreement – CETA) लगभग तीन वर्षों की बातचीत के बाद लागू हुआ है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करना, निवेश बढ़ाना और कारोबार को आसान बनाना है। समझौते के तहत दोनों देशों ने कई उत्पादों पर आयात शुल्क घटाने और व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर सहमति जताई है।
भारत में क्या होगा सस्ता?
इस समझौते का सबसे अधिक असर ब्रिटेन से आयात होने वाले कुछ प्रमुख उत्पादों पर देखने को मिलेगा। इनमें मुख्य रूप से:-
- स्कॉच व्हिस्की
- प्रीमियम ब्रिटिश कारें
- कुछ ऑटो पार्ट्स
- कॉस्मेटिक्स
- अन्य चुनिंदा ब्रिटिश उत्पाद
शामिल हैं। हालांकि, सभी वस्तुओं के दाम एक साथ नहीं घटेंगे। कई उत्पादों पर शुल्क में चरणबद्ध (Phased) कटौती की जाएगी।
स्कॉच व्हिस्की पर कैसे होगा असर?
भारत में अभी स्कॉच व्हिस्की पर ऊंचा आयात शुल्क लगाया जाता है। FTA लागू होने के बाद इस शुल्क में चरणबद्ध कमी की जाएगी। शुरुआती कटौती के बाद आने वाले वर्षों में इसे और कम किया जाएगा। इससे लंबे समय में भारत में स्कॉच व्हिस्की की कीमतों में कमी आने की संभावना है।
ब्रिटिश कारें भी होंगी सस्ती
इस समझौते का लाभ ब्रिटेन में बनने वाली लग्जरी कारों को भी मिलेगा। निर्धारित वार्षिक कोटा के तहत आयात होने वाली पात्र ब्रिटिश कारों पर सीमा शुल्क में चरणबद्ध कमी की जाएगी। इससे आने वाले समय में Land Rover, Defender, Rolls-Royce, Aston Martin और McLaren जैसी कारों की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आ सकती है। हालांकि यह रियायत कोटा और समझौते की शर्तों के अनुसार लागू होगी।
भारत को क्या मिलेगा फायदा?
इस समझौते का लाभ केवल ब्रिटेन को ही नहीं बल्कि भारत को भी बड़े पैमाने पर मिलेगा। समझौते के तहत भारत के लगभग 99% निर्यात को ब्रिटेन के बाजार में ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी। इससे विशेष रूप से इन क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है:-
- टेक्सटाइल
- रेडीमेड गारमेंट
- फुटवियर
- चमड़ा उद्योग
- इंजीनियरिंग उत्पाद
- समुद्री उत्पाद
- खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
इन क्षेत्रों के निर्यातकों को ब्रिटेन में बेहतर प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा।
भारतीय उद्योगों को मिलेगा नया बाजार
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन में शुल्क समाप्त होने से भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। भारत के श्रम-प्रधान उद्योगों जैसे वस्त्र, जूते और चमड़ा उत्पादों की मांग बढ़ सकती है। इससे उत्पादन बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की संभावना है।
व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
भारत और ब्रिटेन दोनों ने इस समझौते को केवल व्यापार तक सीमित नहीं रखा है। इसमें निवेश, सेवाओं, डिजिटल व्यापार, सरकारी खरीद और पेशेवर सेवाओं को भी शामिल किया गया है। दोनों देशों का लक्ष्य आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाना है। ब्रिटेन सरकार का अनुमान है कि इस समझौते से उसकी अर्थव्यवस्था को भी दीर्घकाल में बड़ा लाभ होगा।
भारतीय पेशेवरों को भी लाभ
FTA के साथ लागू Double Contribution Convention के तहत कुछ श्रेणी के भारतीय और ब्रिटिश पेशेवरों को सामाजिक सुरक्षा अंशदान (Social Security Contributions) से जुड़ी दोहरी देनदारी में राहत मिलेगी। इससे दोनों देशों के बीच काम करने वाले योग्य पेशेवरों और कंपनियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
क्या सभी चीजें तुरंत सस्ती हो जाएंगी?
नहीं। यह समझना जरूरी है कि सभी उत्पादों पर शुल्क में कटौती एक साथ लागू नहीं होगी। कई वस्तुओं पर शुल्क धीरे-धीरे कई वर्षों में कम किया जाएगा। इसी तरह कुछ संवेदनशील उत्पादों को समझौते में विशेष सुरक्षा भी दी गई है। इसलिए बाजार में कीमतों पर असर अलग-अलग समय पर दिखाई देगा।
उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा?
यदि आयात शुल्क में कटौती का पूरा लाभ आयातकों और वितरकों द्वारा उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है, तो आने वाले वर्षों में कई ब्रिटिश उत्पाद अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध हो सकते हैं। साथ ही भारतीय निर्यात बढ़ने से घरेलू उद्योगों और रोजगार को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
भारत के लिए क्यों है यह समझौता खास?
यह समझौता भारत के सबसे बड़े और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौतों में गिना जा रहा है। इससे न केवल ब्रिटेन के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे, बल्कि भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति को भी नई दिशा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय उद्योगों को नए बाजार, अधिक निवेश और निर्यात बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
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