India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के बाद वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में अहम जानकारी दी है। जिसमें उनका कहना है कि अमेरिका ने भारत के कई उत्पादों पर 0% टैरिफ लागू करने का बड़ा फैसला किया है। बता दें कि, इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा होगा। वहीं, इस अहम फैसले में फार्मा प्रोडक्ट्स, जेम्स एंड ज्वैलरी, मसाले, स्मार्टफोन्स और एयरक्राफ्ट पार्ट्स जैसे कई महत्वपूर्ण सेक्टर शामिल हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि इस टैरिफ पर मंत्री का कहना है कि, यह समझौता भारत के लिए एक बड़े आर्थिक अवसर के रूप में सामने आया है। दरअसल, इससे भारतीय उत्पादों को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले अमेरिकी बाजार में कम लागत पर पहुंचने का रास्ता मिलेगा।वहीं, भारत ने अपने किसानों और डेयरी सेक्टर के हितों की रक्षा करते हुए अमेरिका को इन क्षेत्रों में किसी प्रकार की छूट नहीं दी है।
किन चीजों पर मिलेगा 0% टैरिफ
पीयूष गोयल के अनुसार जिन वस्तुओं पर अमेरिका ने शून्य टैरिफ लागू किया है, उनमें जेम्स एंड डायमंड, फार्मा उत्पाद, स्मार्टफोन्स, मसाले, चाय-कॉफी, नारियल और नारियल तेल, वेजिटेबल ऑयल, काजू, कई प्रकार के फल-सब्जियां, केला, आम, अनानास, मशरूम और प्रोसेस्ड फूड्स शामिल हैं। साथ ही, इसके अलावा एयरक्राफ्ट पार्ट्स, मशीनरी पार्ट्स, एल्यूमिनियम कंपोनेंट्स, जिंक ऑक्साइड, मिनरल्स, नेचुरल रबर, एसेंशियल ऑयल और प्लैटिनम कॉइन्स जैसी वस्तुओं को भी इस सूची में रखा गया है। सरकार का मानना है कि इन सेक्टरों में भारत की मजबूत पकड़ है और टैरिफ खत्म होने से निर्यात तेजी से बढ़ सकता है।
कृषि और डेयरी सेक्टर सुरक्षित
मंत्री का कहना है कि, भारत ने अमेरिका को डेयरी और संवेदनशील कृषि उत्पादों पर कोई रियायत नहीं दी है। जिसमें मीट, पोल्ट्री, डेयरी प्रोडक्ट्स, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी, चना, ग्रीन टी, तंबाकू, एथेनॉल और अन्य कृषि उत्पादों पर भारत की सुरक्षा बरकरार रहेगी। साथ ही, सरकार का कहना है कि यह फैसला किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखकर लिया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा से घरेलू बाजार प्रभावित न हो।

30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खुला
पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते के बाद लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर की अमेरिकी अर्थव्यवस्था भारतीय निर्यातकों के लिए कम टैरिफ के साथ खुल गई है। जिसमें अमेरिका पहले से ही कुछ उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाता था, जिसे अब घटाकर करीब 18 प्रतिशत किया जा रहा है। साथ ही, भारत के प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में यह टैरिफ कम है। उदाहरण के तौर पर चीन पर लगभग 35 प्रतिशत, वियतनाम पर 20 प्रतिशत और इंडोनेशिया पर 19 प्रतिशत टैरिफ लागू है। ऐसे में भारत को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलने की उम्मीद है।
2047 के विकसित भारत की दिशा में कदम
मंत्री ने इस दिन को भारत की 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में महत्वपूर्ण बताया। वहीं, फरवरी 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू हुई थी, जिसका लक्ष्य सालाना 500 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हासिल करना है। वहीं, सरकार का कहना है कि यह समझौता उद्योग, निर्यात, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। साथ ही भारत-अमेरिका संबंधों को भी नई मजबूती मिलेगी। पीयूष गोयल ने कहा कि देशभर में इस पहल का स्वागत हो रहा है और विभिन्न सेक्टर भविष्य को लेकर उत्साहित हैं।
निर्यातकों के लिए नया अवसर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि, शून्य टैरिफ का सबसे ज्यादा फायदा फार्मा, जेम्स एंड ज्वैलरी, टेक्नोलॉजी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को हो सकता है। छोटे और मध्यम उद्योगों को भी अमेरिकी बाजार में प्रवेश आसान होगा। इससे विदेशी मुद्रा आय बढ़ने और रोजगार सृजन में मदद मिलने की संभावना है। जिसमें कुल मिलाकर भारत-अमेरिका ट्रेड डील को आर्थिक सहयोग के नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है। यदि तय लक्ष्यों के अनुसार व्यापार बढ़ता है, तो यह समझौता आने वाले वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दे सकता है।
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