International Women’s Day 2026: 8 मार्च को पूरी दुनिया में International Women’s Day यानी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। बता दें कि यह दिन महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनके योगदान को तारीफ के लिए समर्पित है। जिसमें साल 2026 में भी महिला दिवस को खास थीम के साथ मनाया जाएगा। बता दें कि इस बार की थीम है ‘दान से लाभ’ (Give to Gain)।
जानकारी के अनुसार, इस खास दिन का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज में लैंगिक समानता (Gender Equality) को बढ़ावा देना और महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना भी है।
क्या है International Women’s Day 2026 की थीम
साल 2026 में महिला दिवस की थीम है ‘दान से लाभ’ (Give to Gain)। इस थीम का अर्थ है कि जब हम किसी को कुछ देते हैं,चाहे वह शिक्षा हो, अवसर हो, सम्मान हो या समर्थन, तो बदले में समाज और हमें भी लाभ मिलता है।
इस थीम का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रेरित करना है कि वे महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए योगदान दें। जब समाज महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका देता है, तो पूरा देश तरक्की करता है।
क्यों मनाया जाता है महिला दिवस
- महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना।
- लैंगिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना।
- समान वेतन और समान अवसर की मांग करना।
- समाज में महिलाओं के योगदान को सम्मान देना।
- महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना। साथ ही, आज महिलाएं शिक्षा, राजनीति, विज्ञान, खेल, कला, व्यापार और सेना जैसे हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। इसके बावजूद कई जगहों पर उन्हें भेदभाव, हिंसा और असमानता का सामना करना पड़ता है। महिला दिवस इन समस्याओं पर ध्यान दिलाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
कब और कैसे हुई महिला दिवस की शुरुआत
जानकारी के लिए बता दें कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत 20वीं सदी की शुरुआत में हुई थी। उस समय यूरोप और उत्तरी अमेरिका में श्रमिक आंदोलनों का दौर चल रहा था। कामकाजी महिलाएं बेहतर वेतन, कम कार्य समय और मतदान के अधिकार (मताधिकार) की मांग कर रही थीं। साल 1910 में जर्मन समाजवादी नेता Clara Zetkin ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा। उनके सुझाव को कई देशों ने समर्थन दिया।
1917 में रूस की महिलाओं ने रोटी और शांति की मांग को लेकर हड़ताल की। इस आंदोलन के बाद 8 मार्च को महिला दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। वहीं, बाद में United Nations (यूएन) ने वर्ष 1975 में 8 मार्च को आधिकारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मान्यता दी। तभी से हर साल इस दिन को वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है।
महिला दिवस का महत्व
दरअसल, महिला दिवस का महत्व केवल एक दिन के जश्न तक सीमित नहीं है। यह दिन समाज को यह याद दिलाता है कि महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।
लैंगिक समानता को बढ़ावा देना
- महिला दिवस समाज में बराबरी की भावना को मजबूत करता है। यह संदेश देता है कि महिला और पुरुष दोनों समान हैं।
महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान
- यह दिन उन महिलाओं को सम्मान देने का अवसर है जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
सामाजिक बदलाव की प्रेरणा
- महिला दिवस समाज को सोच बदलने और पुरानी रूढ़ियों को खत्म करने की प्रेरणा देता है।
नई पीढ़ी को प्रेरणा
- यह दिन युवा लड़कियों को अपने सपनों को पूरा करने और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देता है।

भारत में महिला दिवस का महत्व
भारत में महिला दिवस का विशेष महत्व है। यहां महिलाएं परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारियां निभाती हैं। वे घर संभालने के साथ-साथ ऑफिस, व्यवसाय और अन्य क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही हैं। जिसमें सरकार और कई सामाजिक संस्थाएं इस दिन कार्यक्रम, सेमिनार, रैलियां और जागरूकता अभियान आयोजित करती हैं। स्कूलों और कॉलेजों में भी विशेष कार्यक्रम किए जाते हैं, जहां महिलाओं की उपलब्धियों पर चर्चा की जाती है।
महिला सशक्तिकरण क्यों जरूरी है
- महिला सशक्तिकरण का मतलब है महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और निर्णय लेने का अधिकार देना।
- परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
- बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य बेहतर होता है।
- समाज में अपराध और भेदभाव कम होते हैं।
- देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। इसलिए महिला दिवस केवल महिलाओं का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दिन है।
कैसे मनाया जाता है महिला दिवस
- महिलाओं को सम्मानित किया जाता है।
- सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
- सेमिनार और कार्यशालाएं होती हैं।
- सोशल मीडिया पर संदेश और शुभकामनाएं दी जाती हैं।
- महिला अधिकारों पर चर्चा और संवाद किए जाते हैं। जिसमें कई लोग इस दिन महिलाओं को उपहार देकर, धन्यवाद कहकर और उनके योगदान को स्वीकार करके अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं।
2026 की थीम दान से लाभ का संदेश
बता दें कि इस साल की थीम यह सिखाती है कि यदि हम महिलाओं को अवसर, शिक्षा और सहयोग देंगे, तो समाज को भी लाभ मिलेगा।
- बेटियों की पढ़ाई में निवेश करें।
- महिलाओं के छोटे व्यवसायों को बढ़ावा दें।
- जरूरतमंद महिलाओं की मदद करें।
- लैंगिक समानता के लिए आवाज उठाएं। जब समाज मिलकर महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका देगा, तब सच्चे अर्थों में विकास संभव होगा।
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