Mumbai Airport Bomb Threat: देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। एक अज्ञात ईमेल के जरिए एयरपोर्ट को निशाना बनाने की धमकी दी गई, जिसके बाद पुलिस, एयरपोर्ट अथॉरिटी और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं। एहतियात के तौर पर पूरे एयरपोर्ट परिसर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया और व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया। हालांकि शुरुआती जांच में इस धमकी को फर्जी यानी “होक्स” बताया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं। इसी वजह से एयरपोर्ट के सभी टर्मिनलों, पार्किंग क्षेत्रों, कार्गो जोन और संवेदनशील स्थानों की गहन जांच की जा रही है।
ईमेल मिलते ही मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट प्रशासन को एक संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। मेल मिलते ही एयरपोर्ट सुरक्षा विभाग ने इसकी सूचना तुरंत मुंबई पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को दी। धमकी की गंभीरता को देखते हुए एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई। कुछ ही देर में बम निरोधक दस्ता (Bomb Detection and Disposal Squad), डॉग स्क्वॉड और विशेष सुरक्षा टीमों को मौके पर भेजा गया।
शुरू हुआ सघन तलाशी अभियान
धमकी मिलने के बाद एयरपोर्ट के अंदर और बाहर व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सुरक्षा कर्मियों ने यात्रियों के सामान, पार्किंग क्षेत्रों, प्रतीक्षालयों, प्रवेश और निकास द्वारों सहित कई संवेदनशील स्थानों की जांच की। एयरपोर्ट के कई हिस्सों में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को भी तैनात किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
उड़ान सेवाएं सामान्य रहीं
धमकी के बावजूद एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहा। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील की और कहा कि सुरक्षा जांच में अतिरिक्त समय लग सकता है, इसलिए समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचना बेहतर होगा। यात्रियों को किसी तरह की घबराहट न फैलाने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी गई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मुंबई पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी भरा ईमेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच के बाद मामला साइबर अपराध की श्रेणी में भी देखा जा रहा है क्योंकि धमकी डिजिटल माध्यम से भेजी गई है।
साइबर सेल कर रही जांच
धमकी भरे ईमेल की जांच में मुंबई पुलिस की साइबर सेल भी सक्रिय हो गई है। तकनीकी विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ईमेल किस डिवाइस और किस नेटवर्क से भेजा गया। इसके लिए ईमेल के आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रेल की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मेल भारत से भेजा गया या किसी विदेशी सर्वर का इस्तेमाल किया गया।
क्या यह फर्जी धमकी थी?
अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में अब तक कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। इसी वजह से संभावना जताई जा रही है कि यह एक फर्जी धमकी हो सकती है। हालांकि जांच पूरी होने तक सुरक्षा एजेंसियां किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार असामाजिक तत्व अफवाह फैलाने या सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने के लिए इस तरह के ईमेल भेजते हैं।
एयरपोर्ट सुरक्षा क्यों है संवेदनशील?
मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश के सबसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट्स में से एक है। हर दिन लाखों यात्री यहां से यात्रा करते हैं और यह अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का प्रमुख केंद्र भी है। ऐसे में किसी भी प्रकार की सुरक्षा चेतावनी को बेहद गंभीरता से लिया जाता है। एयरपोर्ट की सुरक्षा पहले से ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और अन्य एजेंसियों के जिम्मे होती है।
यात्रियों में दिखी चिंता
धमकी की खबर सामने आने के बाद कुछ यात्रियों के बीच चिंता का माहौल देखा गया। हालांकि एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों ने लगातार घोषणाएं कर यात्रियों को स्थिति की जानकारी दी और आश्वस्त किया कि सुरक्षा के सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। कई यात्रियों ने सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता की सराहना भी की।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स और सार्वजनिक संस्थानों को समय-समय पर इस तरह की धमकियां मिलती रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में कई मामलों में जांच के बाद धमकियां फर्जी पाई गई थीं। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां हर चेतावनी को पूरी गंभीरता से लेती हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
कानून क्या कहता है?
विशेषज्ञों के अनुसार बम धमकी जैसे फर्जी संदेश भेजना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPC) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। दोषी पाए जाने पर आरोपी को जेल और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस, साइबर सेल और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं। ईमेल भेजने वाले की पहचान और उसके मकसद का पता लगाने के लिए तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में प्रगति होने पर आगे की जानकारी साझा की जाएगी।
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