NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने बड़ा बयान। उनका कहना है की जिन लोगों पर परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने की जिम्मेदारी थी, वही कुछ लोग बदमाशों के साथ मिल गए। इसी वजह से देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक जैसी गंभीर घटना सामने आई है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार सिर्फ दोषियों को सजा देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
आपकी जानकारी के लिए बता दें की एक इंटरव्यू के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा, “रक्षक ही भक्षक बन गए हैं। जिन लोगों पर हमने भरोसा किया था कि वे ईमानदारी से प्रश्नपत्र तैयार करेंगे, उन्हीं में से कुछ लोग गलत लोगों से जा मिले और अपने फायदे के लिए परीक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया।”
परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने की तैयारी
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि सरकार परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव करने की दिशा में काम कर रही है। जिससे भविष्य में ज्यादा से ज्यादा परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित करने पर जोर दिया जाएगा। जिसमें उनका मानना है कि इससे इंसानी हस्तक्षेप कम होगा और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी परीक्षा व्यवस्था बनाना है जिस पर छात्रों और अभिभावकों का भरोसा पूरी तरह कायम रहे। इसके लिए तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
22 लाख से ज्यादा छात्रों ने दी री-नीट परीक्षा
शिक्षा मंत्री ने बताया कि 21 जून को हुए री-नीट परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। जिसमें देशभर में करीब 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। साथ ही उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए छात्रों, अभिभावकों, प्रशासन और परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार या किसी एक एजेंसी की सफलता नहीं है, बल्कि सभी के सहयोग से यह परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सकी।
पेपर माफिया के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पेपर लीक कराने वाले गिरोह और परीक्षा माफिया के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। केवल कुछ लोगों की गिरफ्तारी से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ना जरूरी है।
ऐसे में जांच एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और जो भी दोषी जल्द से जल्द पाया जाएगा, जिसके बाद उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर भी शिक्षा मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता Rahul Gandhi इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष होने के नाते सवाल उठाना उनका अधिकार है, लेकिन सवाल तथ्यों के आधार पर होने चाहिए। बिना पूरी जानकारी के बयान देने से छात्रों के मन में डर पैदा होता है।”
नागपुर छात्र के मामले पर भी दी सफाई
शिक्षा मंत्री ने उस छात्र का भी जिक्र किया जिसका परीक्षा केंद्र नागपुर से बदलकर अबूधाबी हो गया था। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र में बदलाव छात्र की ओर से ही किया गया था। इसके बावजूद सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और छात्र के पिता से सीधे संपर्क कर पूरी जानकारी हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर कई तरह की राजनीतिक बयानबाजी हुई, लेकिन सच्चाई सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई।

CBSE परीक्षा प्रणाली में भी होंगे सुधार
CBSE परीक्षा प्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह NEET मामले में कमियों को दूर करने के लिए कदम उठाए गए हैं, उसी तरह अन्य परीक्षाओं की प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार विशेषज्ञों से सुझाव ले रही है और नई तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाने पर काम कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी खुद कर रहे थे निगरानी
शिक्षा मंत्री ने बताया कि पूरे मामले पर प्रधानमंत्री Narendra Modi की लगातार नजर बनी हुई थी। उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़े हर पहलू की समीक्षा की गई और यह सुनिश्चित किया गया कि छात्रों का भविष्य किसी भी तरह प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मौजूदा समस्या का समाधान करना नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिससे भविष्य में परीक्षा की विश्वसनीयता पर कोई सवाल न उठ सके।
देर से पहुंचे छात्रों की परेशानी पर भी विचार
धर्मेंद्र प्रधान ने उन छात्रों का भी जिक्र किया जो परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने के कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से देख रही है और भविष्य में ऐसे मामलों में छात्रों को राहत देने के लिए बेहतर व्यवस्था बनाने पर विचार किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को छात्र हितैषी, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई स्तरों पर सुधार किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य देश के करोड़ों छात्रों को ऐसी परीक्षा व्यवस्था देना है, जिसमें उनकी मेहनत और प्रतिभा का निष्पक्ष मूल्यांकन हो सके।
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