नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे Gen-Z प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल की पत्नी राजलक्ष्मी खनाल की मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू के दल्लू स्थित उनके आवास पर हमला किया, तोड़फोड़ और आगजनी की और साथ ही विरोध प्रदर्शन के दौरान नेपाल संसद में आग लगा दी गई।
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बता दें कि इस हमले में राजलक्ष्मी को बुरी तरह पीटा गया, जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गईं। उन्हें कीर्तिपुर बर्न अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मीडिया के अनुसार, वह अपने बेटे निर्भीक खनाल के साथ घर पर थीं, जब प्रदर्शनकारियों ने आग लगाई। नेपाली सेना ने झलनाथ खनाल को सुरक्षित बचा लिया।

हिंसा में हुई अधिक लोगों की मौत
नेपाल में हो रहे हिंसक प्रदर्शनकारियों ने ऊर्जा मंत्री दीपक खड़का और राष्ट्रपति के आवास को भी निशाना बनाया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी संसद भवन और नेताओं के घरों पर ही हमला करते दिख रहे हैं। पुलिस ने आंसू गैस और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल किया, लेकिन हालात और बिगड़ गए। हिंसा में अब तक 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से ज्यादा घायल हैं।

एयरपोर्ट पर हेलिकॉप्टर की हलचल
हिंसा बढ़ने के बीच काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हेलिकॉप्टर्स का जमावड़ा लग गया। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और कई मंत्रियों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया।
रिपोर्ट्स ने दावा किया कि ओली दुबई भागने की योजना बना रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने नेताओं को हेलिकॉप्टर उपलब्ध कराने वाली सिमरिक एयरलाइंस की इमारत में आग लगा दी। नेपाल सेना ने एयरपोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी है, और भारत की एयर इंडिया व इंडिगो ने दिल्ली-काठमांडू उड़ानें को रद्द कर दी हैं।
कर्फ्यू और सेना अलर्ट
हालात ज्यादा बिगड़न पर काठमांडू और ललितपुर, पोखरा अन्य शहरों में भी कर्फ्यू को लागू किया गया है। नेपाली सेना को अलर्ट कर दिया गया है कि , प्रदर्शनकारियों देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया है।
सरकार ने सोशल मीडिया बैन से हटा दिया है लेकिन फिर भी प्रदर्शनकारी ओली के इस्तीफे और संसद भंग करने की मांग पर अभी भी अड़े हुए हैं। नेपाली सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने प्रदर्शनकारियों से शांति की अपील की है ताकि माहौल सही हो जाए और प्रधानकारी बातचीत से आराम से समझ सके।
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